अयोग्य ठहराए गए विधायकों से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-क्यों होनी चाहिए तुरंत सुनवाई

अयोग्य ठहराए गए विधायकों से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-क्यों होनी चाहिए तुरंत सुनवाई
अयोग्य ठहराए गए 17 विधायकों से सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-क्यों होनी चाहिए तुरंत सुनवाई

Rajeev Mishra | Updated: 12 Sep 2019, 07:08:03 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

अयोग्य विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से झटका, तुरंत सुनवाई से फिर किया शीर्ष अदालत ने इनकार

बेंगलूरु. कांग्रेस और जनता दल-एस के अयोग्य ठहराए गए 17 विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से फिर झटका लगा है। विधानसभा के पूर्व स्पीकर के.आर रमेश कुमार के आदेश को रद्द करने के लिए विधायकों की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देने से इनकार कर दिया। विधायकों की याचिका पर कब सुनवाई होगी इस पर अब अगले सप्ताह विचार होने की उम्मीद है।
जब गुरुवार को यह मामला सुनवाई के लिए शीर्ष अदालत में आया तो जस्टिस एनवी रामन्ना, मोहन एम.शांतगौडर और अजय रस्तोगी की खंडपीठ ने सुनवाई के लिए कोई भी तारीख तय करने से इनकार कर दिया। खंडपीठ ने कहा कि इसकी सुनवाई समय के हिसाब से होगी। अदालत ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि आखिर इस मामले की सुनवाई को लेकर इतनी जल्दीबाजी क्यों है? वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी, वी.गिरी और अनुपम लाल दास ने इस मामले को अदालत में मेंशन किया था। वे इस मामले की सुनवाई चाहते थे। उन्होंने कहा कि यह मामला 11 सितम्बर को सुनवाई के लिए लिस्ट हुआ था लेकिन हटा दिया गया। अब इसे दोबारा नहीं हटाया जाना चाहिए।
दरअसल, पिछले माह विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को रद्द करने का निर्देश देने की गुहार लगाई थी। विधायकों की याचिका पर सुनवाई में अब काफी विलंब हो रही है। इससे पहले विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अपने इस्तीफे को स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी। लेेेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को निर्देश देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस-जदएस की शिकायत पर व्हिप उल्लंघन और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण स्पीकर ने उन्हें वर्तमान विधानसभा के कार्यकाल के लिए अयोग्य ठहरा दिया था।
हालांकि, शीर्ष अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष को विधायकों के इस्तीफे पर संविधान के अनुसार फैसला लेने की पूरी छूट दी थी लेकिन कहा था कि विधायकों को सदन की कार्यवाही में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। अयोग्य विधायकों को कोर्ट के उसी फैसले से उम्मीद है। हालांकि, इसपर कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरामय्या ने कहा था कि इससे उनके व्हिप जारी करने के अधिकार का उल्लंघन हुआ है। अंतत: केआर रमेश कुमार ने विधायकों को अयोग्य ठहराया और मामला अब शीर्ष अदालत में है।

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