उम्र को मात दे मतदान के लिए उत्साहित हैं वरिष्ठ मतदाता

उम्र को मात दे मतदान के लिए उत्साहित हैं वरिष्ठ मतदाता

Santosh Kumar Pandey | Publish: Apr, 16 2019 08:38:19 PM (IST) Bangalore, Bangalore, Karnataka, India

मताधिकार के प्रति सभी आयु वर्ग के लोगों को जागरूक करने के लिए राजस्थान पत्रिका का जागो जनमत अभियान वरिष्ठ नागरिकों के बीच चला। शहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्र चिकपेट में वरिष्ठ नागरिकों ने मतदान को लेकर अपने अनुभव साझा किए और विशेषकर नई पीढी के मतदाताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र के महापर्व में मतदान जरूर करें।

पत्रिका का जागो जनमत अभियान

बेंगलूरु. मताधिकार के प्रति सभी आयु वर्ग के लोगों को जागरूक करने के लिए राजस्थान पत्रिका का जागो जनमत अभियान वरिष्ठ नागरिकों के बीच चला। शहर के मुख्य व्यापारिक क्षेत्र चिकपेट में वरिष्ठ नागरिकों ने मतदान को लेकर अपने अनुभव साझा किए और विशेषकर नई पीढी के मतदाताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र के महापर्व में मतदान जरूर करें।

पिछले करीब तीन दशक से बेंगलूरु में व्यवसायरत और राजस्थान के सरदार शहर के भंवरलाल जैन ने कहा कि मौजूदा दौर के चुनाव प्रचार में बड़े और छोटे का मान सम्मान नहीं रह गया है। हालांकि राजनीति में अनुभवी लेकिन बुजुर्ग नेताओं को पार्टियों द्वारा किनारे करने पर जैन ने कहा कि बदलते वक्त में युवा पीढी को अवसर देने की जरूरत है लेकिन बुजुर्ग नेताओं को भी उचित प्रतिनिधित्व देने की आवश्यकता है।

राजनीति बेहद निचले स्तर पर

बीकानेर मूल के निर्मल नाहर का भी मानना है कि राजनीति बेहद निचले स्तर पर पहुंच गई है और आरोप प्रत्यारोप ऐसे लगाए जा रहे है जैसे व्यक्तिगत लड़ाई हो। राजनीतिज्ञों में शाीलनता का अभाव दिखता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का भी सम्मान किया जाना चाहिए और विपक्ष को चाहिए कि वह सत्ता पक्ष को भी प्रोत्साहित करे। मतदान में जाति-धर्म से परे रहकर सभी मतदाताओं को देश पहले है की भावना से मतदान करना चाहिए। साथ ही चुनाव का प्रमुख मुद्दा विकास हो और उसी के आधार पर मतदान हो। झुंझुनू मूल के पारस चोरडिय़ा ने कहा कि हम दूसरों की तभी आलोचना कर सकते हैं जब खुद अपना कर्तव्य निभाएं। चोरडिय़ा ने कहा कि १८ वर्ष में वे जब पहली बार मतदाता बने थे उसके बाद से हर चुनाव में मतदान किया।

बदलाव का कई मंजर देखने वाले ५५ साल से बेंगलूरु में रह रहे मदनलाल पोरवाल ने कहा कि वे हर बार सभी लोगों को मतदान के लिए प्रेरित और जागरुक करते हैं। वे जिन सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े हैं वहां के सभी सदस्यों को मतदान की महत्ता समझाते रहे हैं। इसी प्रकार गौतम कटारिया का भी मानना है कि पहले मतदान फिर जलपान हो। हालांकि चुनाव में प्रलोभन के मामले बढे हैं और विशेषकर झुग्गी और झोंपड़पट्टी में रहने वालों को इससे बचाकर निष्पक्ष होकर मतदान सुनिश्चित करने की जरुरत है। राजस्थान पत्रिका के स्थानीय संपादक राजेन्द्र शेखर व्यास ने जागो जनमत अभियान की जानकारी दी।

मतदान के लिए किया था शादी कार्यक्रम में फेरबदल
पिछले ४२ वर्ष से बेंगलूरु में रह रहे तोलाराम कुंडलिया ने मतदान की महत्ता बताते हुए कहा कि एक बार उनके परिवार में किसी की शादी थी लेकिन उसी दौरान मतदान भी था। उनके परिवार ने मतदान को प्राथमिकता दी और शादी कार्यक्रम में मामूली फेरबदल कर दिया। उन्होंने कहा कि सभी मतदाताओं को मतदान के प्रति यही समर्पित भाव रखना चाहिए। तेज धूप, लंबी कतार, मतदान केंद्र की दूरी का बहाना न बनाना चाहिए और निजी कार्यक्रम में रद्दोबदल करके मतदान करना चाहिए।

पत्रिका के अभियान से जुड़े कन्नडिग़ा
राजस्थान पत्रिका के जागो जनमत को न सिर्फ हिंदी भाषियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है बल्कि कन्नड़ भाषी भी इस पुनीत अभियान से जुड़कर मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। चिकपेट में व्यवसायी नाबा श्रीनिवास ने कहा कि जाति और धर्म से परे जाकर हमलोग मतदान करें। 'राजस्थान पत्रिकाÓ को नियमित पढने के कारण हिंदी सीखने वाले लक्ष्मण गौड़ा ने भी जाति, मजहब और क्षेत्र के बदले सही उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान की अपील की।

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