11 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

…तो गणपति प्रतिमाओं की ऊंचाई तय कर सकता है केएसपीसीबी

अगर प्रतिमाओं की ऊंचाई पांच फीट तक रहती है तो उन्हें पूजा पंडाल तक ले जाने और फिर विसर्जन करने में आसानी होती है

2 min read
Google source verification
ganesha

बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) गणेशोत्सव के दौरान मिट्टी से बनी गणपति प्रतिमाओं की अधिकतम ऊंचाई तय करने पर विचार कर रहा है। केएसपीसीबी ने पिछले वर्षों में पाया है कि अगर प्रतिमाओं की ऊंचाई पांच फीट तक रहती है तो उन्हें पूजा पंडाल तक ले जाने और फिर विसर्जन करने में आसानी होती है। ऐसी प्रतिमाओं से न तो सड़कों पर अन्य वाहनों का आवागमन बाधित होता है और ना ही ज्यादा ऊंचाई वाले पूजा पंडाल बनाने की जरूरत होती है।

केएसपीसीबी जल्द ही इस योजना को लागू करने की व्यवहार्यता पर विचार करने के लिए बैठक कर सकता है। हालांकि जानकारों का मानना है कि इस योजना को क्रियान्वित होने में कई प्रकार की चुनौतियां हैं। चूंकि पूरा मामला धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए इसकी सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए कई पक्ष प्रतिमाओं की ऊंचाई तय करने के सुझाव का विरोध कर सकते हैं। ऐसे में केएसपीसीबी अपनी योजना से पीछे हट सकता है।

पीओपी प्रतिमाओं की अनुमति नहीं
पर्यावरण और जल संरक्षण को ध्यान में रखकर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित प्रतिमाओं के निर्माण और बेचने पर रोक को लेकर केएसपीसीबी ने सख्ती बरतने की योजना बनाई है। केएसपीसीबी ने निर्णय लिया है कि जो लोग पीओपी प्रतिमाओं का निर्माण करेंगे या बेचेंगे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में राज्य के सभी उपायुक्तों और नगरपालिकाओं को निर्देश जारी किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में ऐसे निर्माताओं और विक्रेताओं की पहचान करें और उन्हें बंद कराएं।

एक लाख प्रतिमाएं बेचने की तैयारी में केएसपीसीबी
पर्यावरण हितैषी प्रतिमाओं की सुलभ उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए केएसपीसीबी ने कुछ स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) के साथ मिलकर मिट्टी से बनी प्रतिमाएं बेचने की योजना बनाई है। हालांकि ये प्रतिमाएं कहां बेची जाएंगी इस पर निर्णय लेना शेष है। माना जा रहा है कि सरकारी स्कूलों, मंदिरों, प्रमुख सरकारी कार्यालयों, पार्कों आदि में प्रतिमाएं बेची जा सकती हैं। इनकी कीमत १०० से ५०० रुपए के बीच होगी जो उनके आकार पर निर्भर होगा।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक

ट्रेंडिंग