#rajasthankaran : बांसवाड़ा विधानसभा चुनाव में खूब वोट बरसे, पर लोग विकास को तरसे

#rajasthankaran : बांसवाड़ा विधानसभा चुनाव में खूब वोट बरसे, पर लोग विकास को तरसे

Ashish vajpayee | Publish: Sep, 04 2018 12:20:39 PM (IST) Banswara, Rajasthan, India

बांसवाड़ा. विधानसभा चुनाव में मतदाता इसी उम्मीद में अपना प्रतिनिधि चुनते हैं कि वह उनके बीच आकर पीड़ा सुनेगा, समस्याएं दूर करेगा। लेकिन गत चुनाव में वोटों और काम को देखें तो जनता की उम्मीदें धराशायी ही हुई हैं। पक्ष हो या विपक्ष, कई बूथों पर सर्वाधिक वोट प्राप्त करने और जीतने के बाद निर्वाचित विधायकों ने मतदाताओं की सुध नहीं ली। जिन्हें हार का सामना करना पड़ा, वे दोबारा लौट कर नहीं आए। चुनावों में आंकड़ों का बड़ा महत्व होता है। बूथवार मिले वोटों की गणित से अगले चुनावों के समीकरण तय किए जाते हैं। पत्रिका ने ऐसे कई बूथ क्षेत्रों की पड़ताल की, जहां 2013 के चुनाव में जीत का अन्तर बहुत बड़ा रहा। वागड़ में गत चुनाव में जीतने वाले प्रत्याशियों का दावा है कि उन्होंने क्षेत्र में विकास को पूरा ध्यान रख जनता की उम्मीदें पूरी की हैं। जन अपेक्षाएं शत प्रतिशत पूरी हो गई, यह कहना अतिश्योक्ति होगी। सत्तारूढ़ दल के नेता विकास के दावे कर रहे हैं तो विपक्ष ने जनता के खाली हाथ रहने को मुद्दा बनाया है।

वे बूथ, जहां कांग्रेस को मिले अधिक वोट
विधानसभा क्षेत्र : बांसवाड़ा
स्थिति : कांग्रेस के पक्ष में मधुबन कॉलोनी, भीमपुरा व मदार कॉलोनी में सर्वाधिक वोट पड़े, लेकिन प्रत्याशी अर्जुन बामनिया जीत दर्ज नहीं कर पाए। क्षेत्र नगर परिषद में आता है। भाजपा का बोर्ड है, लेकिन विकास के नाम पर खास सुधार नहीं हुआ है। यहां सडक़ सहित मूलभूत सुविधाओं का आज भी अभाव है।
मतदान केन्द्र : 228
कांग्रेस को मिले वोट835
मुद्दे : सडक़ अच्छी नहीं, सफाई, पेयजल की भी समस्या

विधानसभा क्षेत्र : कुशलगढ़
स्थिति : कुशलगढ़ विधानसभा सीट के चुनाव में कांगे्रस बहुत कम मतों के अंतर से हारी है। इस अंतर को कम करने में गुजरात से सटे कसारवाड़ी क्षेत्र के इस बूथ ने अहम भूमिका निभाई। यहां गांव जिले का दूरस्थ क्षेत्र माना जाता है। सामान्य सुविधाओं को छोड़ कर कोई खास बदलाव यहां नहीं हुआ।
मतदान केन्द्र : 137
कांग्रेस को मिले वोट 932
मुद्दे : पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का इंतजार

विधानसभा क्षेत्र : बागीदौरा
स्थिति : पूर्व केबिनेट मंत्री रहे महेंद्रजीतसिंह मालवीया को पाटनवाघरा क्षेत्र के इस बूथ से खूब वोट मिले। जिले के दूरस्थ इलाकों में एक इस क्षेत्र में हालांकि विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन आज भी पेयजल, अनियमित बिजली, पलायन, रोजगार आदि की दशा बहुत ज्यादा अच्छी नहीं कही जा सकती।
मतदान केन्द्र : 137
कांग्रेस को मिले वोट 902
मुद्दे : रोजगार के अवसरों की कमी

विधानसभा क्षेत्र : बागीदौरा
स्थिति : बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र में टामटिया से संबंधित इस बूथ पर कांगे्रस ने आठ सौ से अधिक वोट तो लिए, लेकिन आशा के अनुरूप विकास की दरकार है। ग्रामीणों की मानें तो यहां स्वास्थ्य सहित अन्य मुद्दों पर कोइ बड़ा निर्णय सरकार और विधायक नहीं करा पाए। जनता अब भी विकास का इंतजार कर रही है।
मतदान केन्द्र : 079
कांग्रेस को मिले वोट 826

विधानसभा क्षेत्र : घाटोल
स्थिति : घाटोल विधानसभा क्षेत्र के इस बूथ पर कांगे्रस को सर्वाधिक वोट तो मिले, लेकिन कांगे्रस प्रत्याशी का भाग्य नहीं बदल पाया। इस विधानसभा क्षेत्र से वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। क्षेत्र के लोगों में विकास, उच्च शिक्षा, रोजगार, नियमित बिजली आपूर्ति जैसी जरूरतों के पूरा नहीं होने का मलाल है।
मतदान केन्द्र : 113
कांग्रेस को मिले वोट 772
मुद्दे : उच्च शिक्षा, चिकित्सा, सडक़, पेयजल

इनका कहना
पार्टी ने बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है। उन्हें बूथ मजबूत होने पर जीत का मंत्र दिया है। कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से चुनाव के लिए तैयार हैं।
चांदमल जैन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष, बांसवाड़ा

वे बूथ, जहां भाजपा को मिले अधिक वोट
विधानसभा क्षेत्र : गढ़ी
स्थिति : भाजपा प्रत्याशी नवनीतलाल निनामा को इस क्षेत्र से सबसे अधिक वोट मिले। यह इलाका भाजपा के प्रभाव का भी माना जाता रहा है। क्षेत्र की स्थिति में जन अपेक्षा के अनुरूप विकास नहीं हुआ। लोग बिजली, पानी, सडक़ जैसी सुविधाओं के लिए जूझ रह हैं। हालांकि विधायक लोगों की अपेक्षाओं पर सक्रिय रहे हैं।
मतदान केन्द्र : 244
भाजपा को मिले वोट 867
मुद्दे : बिजली, पेयजल, चिकित्सा

विधानसभा क्षेत्र : घाटोल
स्थिति : भाजपा प्रत्याशी नवनीतलाल निनामा को इस क्षेत्र से सबसे अधिक वोट मिले। यह इलाका भाजपा के प्रभाव का भी माना जाता रहा है। क्षेत्र की स्थिति में जन अपेक्षा के अनुरूप विकास नहीं हुआ। लोग बिजली, पानी, सडक़ जैसी सुविधाओं के लिए जूझ रह हैं। हालांकि विधायक लोगों की अपेक्षाओं पर सक्रिय रहे हैं।
मतदान केन्द्र : 153
भाजपा को मिले वोट 892
मुद्दे : पेयजल, सडक़, बिजली

विधानसभा क्षेत्र : घाटोल
स्थिति : भाजपा प्रत्याशी नवनीतलाल निनामा की जीत में इस केंद्र का अहम योगदान रहा, लेकिन धरातलीय सुधार अपेक्षित है। गांव से सटे फलों में आज भी सुविधाओं की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। क्षेत्र के लक्ष्मण व रमेशचंद्र के अनुसार मूलभूत के साथ ही बड़े विकास कार्यों पर फोकस करना चाहिए
मतदान केन्द्र : 150
भाजपा को मिले वोट 874
मुद्दे : मूलभूत सुविधाओं में हो आवश्यकतानुसार वृद्धि

विधानसभा क्षेत्र : घाटोल
स्थिति : इस बूथ से भी भाजपा को अच्छा खासा समर्थन मिला। फिर भी जनजाति अंचल के अन्य क्षेत्रों की तरह अपेक्षित सुविधाओं के लिए आज भी संघर्ष जारी है। क्षेत्रवासियों की मानें तो उन्होंने जिस उम्मीद से भाजपा को समर्थन दिया था, उसके अनुरूप कार्य यहां नहीं हो पाए। इससे उन्हें निराशा हाथ लगी है।
मतदान केन्द्र : 148
भाजपा को मिले वोट 880
मुद्दे : बिजली, चिकित्सा

विधानसभा क्षेत्र : घाटोल
स्थिति : भाजपा प्रत्याशी निनामा को इस बूथ से भी आठ सौ से अधिक वोट प्राप्त हुए। मतदाताओं ने उन्हें खुलकर समर्थन किया। क्षेत्र के मोहनलाल, धारजी आदि का मानना है कि विभिन्न योजनाओं में लोगों को लाभ तो मिला है, लेकिन कृषि से जुड़ी योजनाओं में ऑनलाइन जैसी शर्तों ने लोगों के सामने परेशानी भी खड़ी की।
मतदान केन्द्र : 83
भाजपा को मिले वोट 841
मुद्दे : सडक़, कृषि, सिंचाई सेवाओं का विस्तार

इनका कहना
चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, मंडल, जिला व अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कमर कस ली है। हम किए गए विकास के बूते जनता के पास जाएंगे।
मनोहर त्रिवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष, बांसवाड़ा

...तो नैया होगी पार
चूंकि सर्वाधिक बढ़त वाले ज्यादातर बूथों में बढ़त के पीछे कोई ठोस मुद्दा नहीं हैं। जीते हुए प्रत्याशियों ने अपने क्षेत्र की छोटी-मोटी जरूरतों का ध्यान रखा ही है, फिर भी अभाव तो कायम ही हैं। आने वाले चुनाव की तैयारियों में जुटे दावेदारों को इन अभावों को दूर करने का पूरा प्रयास करने का भरोसा दिलाना होगा, तभी उनकी नैया पार हो पाएगी।

 

 

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