
ralway line ka dohrikaran
रेलवे लाइन का दोहरीकरण
संरक्षा आयुक्त ने निरीक्षण के बाद तय की 75 किमी प्रतिघंटा रफ्तार
बारां. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर जोन के मुख्य संरक्षा आयुक्त एके जैन ने कोटा-बीना लाइन दोहरीकरण परियोजना के तहत बारां-सालपुरा स्टेशन के बीच किए गए दोहरीकरण कार्य का निरीक्षण करने के बाद 43 किलोमीटर इस नए ट्रेक पर 75 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनों का संचालन शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने दूसरे दिन बुधवार को पिपलोद से बारां तक मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। इसके बाद शाम को स्पेशल ट्रेन से बारां से सालपुरा तक स्पीड का ट्रायल किया गया, जो सफल रहा है।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सेवा
संरक्षा आयुक्त जैन ने मंगलवार को सालपुरा स्टेशन से पिपलोद स्टेशन तक का निरीक्षण किया था। इसके बाद बुधवार सुबह पिपलोद से बारां तक निरीक्षण किया। बारां में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि संरक्षा की दृष्टि से दोहरीकरण कार्य बेहतर है। फिलहाल बारां-सालपुरा का काम हुआ है, कोटा से बीना तक पूरी परियोजना पूर्ण होने में 3-4 वर्ष लगने की संभावना है। दोहरीकरण होने से ट्रेनों को क्रोसिंग के लिए नहीं रोकना होगा। इससे ट्रेन समय पर चलेगी तथा गति प्रभावित नहीं होगी। ।
शर्तो के मुताबिक बढ़ेगी गति
रेलवे सूत्रों का कहना है कि संरक्षा आयुक् त ने फिलहाल 75 किमी की रफ्तार से ट्रेन चालने की अनुमति दी है। इस दौरान किसी तरह की कमी सामने आती है तो उसका निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित शार्तो के मुताबिक स्पीड बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।
यह अधिकारी रहे साथ
निरीक्षण के दौरान बुधवार को भी कोटा-बीना दोहरीकरण परियोजना (पमरे) की निष्पादन ऐजेंसी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के परियोजना हैड विजय नाथावत, कोटा मंडल प्रबंधक यूसी जोशी, आरवीएनएल दिल्ली के प्रिंसिपल ईडी त्यागी, जबलपुर जोन के ईडी (इलेक्ट्रीकल), प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर मंगल बिहारी विजय, आरवीएनएल के पिपलोद-सालपुरा के सहायक प्रबंधक विनय कुमार गोयल समेत अन्य अधिकारी साथ रहे।
रिपोर्ट - हंसराज शर्मा द्वारा
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Published on:
19 Dec 2018, 8:53 PM IST
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