मदरसा छात्रों को ट्रेन से उतारने की शिकायत, 50 हजार मुआवजे की मांग

इस पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय बालक अधिकार संरक्षण आयोग(NCPCR) में की है इसके साथ ही बच्चों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की भी मांग की गई है।

By: jitendra verma

Published: 01 Jul 2019, 12:37 PM IST

बरेली। मदरसा छात्रों को बरेली जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उतार कर उनसे पुछताछ करने की शिकायत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग में की गई है। आरोप है कि पूछताछ के नाम पर बच्चों का उत्पीड़न किया गया और उन्हें रिजर्वेशन होने के बावजूद पैसेंजर ट्रेन से रवाना किया गया। आरटीआई एक्टिविस्ट अधिवक्ता खालिद जिलानी ने इस पूरे मामले की शिकायत राष्ट्रीय बालक अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) में की है इसके साथ ही बच्चों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की भी मांग की गई है।

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मामले की हो जांच

आरटीआई एक्टिविस्ट ने अपनी शिकायत में कहा है कि जीआरपी और आरपीएफ ने जांच के नाम पर बच्चों का उत्पीड़न किया है। उनका आरोप है कि वैध टिकट पर यात्रा कर रहे 6 से 13 उम्र के 113 बच्चों को जांच के नाम पर भीषण गर्मी में ट्रेन से उतार लिया गया और उन्हें भूखा प्यासा रख कर उत्पीड़न किया गया और सही पाए जाने पर पैसेंजर ट्रेन के जनरल कोच से भेजा। उनका कहना है कि जांच तो सीट पर भी हो सकती थी इस लिए इस मामले की जांच हो। उन्होंने प्रत्येक बच्चे के लिए 50 हजार रुपये मुआवजे की भी मांग की है।

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क्या था मामला

शनिवार को आरपीएफ इंटेलिजेंस को सूचना मिली थी कि मालदा टाउन आनन्द बिहार एक्सप्रेस ट्रेन से बड़ी संख्या में बच्चों को मानव तस्करी के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा है। सूचना पर ट्रेन के बरेली पहुँचने पर बच्चों को ट्रेन से उतार लिया गया।जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस ने कई घण्टों तक पूछताछ की। बच्चों के नाम, पता और मोबाइल नम्बर नोट किए गए। जो लोग बच्चों को लेकर जा रहे थे उनसे भी पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि ये बच्चे विभिन्न मदरसों के छात्र है और छुट्टियों के बाद वापस पढ़ाई के लिए जा रहे थे।

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