
आरटीओ, पुलिस और वन विभाग को देते हैं महीना
शहर के काई ट्रांसपोर्टर की सबसे ज्यादा गाड़ियां चलती हैं। 50 से ज्यादा डंपर रेता बजरी उत्तराखंड से बरेली के लिए ढोते हैं। इसके अलावा और छोटे बड़े 20 से ज्यादा ट्रांसपोर्टर हैं। कुछ ऐसे भी ट्रांसपोर्टर हैं। जिनके पास गाडि़यां नहीं हैं। सूत्रों के मुताबिक सभी डंपर चलाने वाले सामूहिक रूप से वन विभाग, आरटीओ, बहेड़ी, देवरनियां और भोजीपुरा पुलिस को नजराना पेश करते हैं। इसके बाद ही उनकी गाड़ियां नैनीताल हाइवे पर ओवरलोड होकर चलती हैं। डीएम के शिकंजा कसने के बाद आरटीओ ने ओवरलोडिंग के लिए ट्रांसपोर्टरों को इनकार कर दिया है। इसके बाद से ही खलबली है।
डीएम ने परिवहन विभाग के अधिकारियों संग की बैठक
जिले में ओवरलोडिंग वाहनों के दौड़ने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। ओवरलोड वाहन हादसें का कारण बन रहे हैं। इससे शासन तक जिले का नाम खराब हो रहा है। शासन से भी ओवरलोडिंग रोकने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिले में सबसे अधिक ओवरलोडिंग वाहन नैनीताल रोड पर आसानी से मिल जाते हैं। उत्तराखंड में क्यूरी होने के कारण वहां से गिट्टी, रेता बहेड़ी से हो बरेली और आस पास के जिलों में जाता है। नैनीताल हाइवे पर चलने वाले डंपरों में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है। डीएम रविंद्र कुमार ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को कार्यालय बुलाया।
बहेड़ी टोल प्लाजा से नहीं मिलती सूचना
उन्होंने आरटीओ कमल गुप्ता व एआरटीओ मनोज कुमार से पूछा कि नैनीताल रोड पर ओवरलोडिंग रोकने की क्या व्यवस्था है। आरटीओ ने बताया कि दोहना और बहेड़ी में बने टोल प्लाजा से सूचनाएं मांगते हैं। बहेड़ी टोल प्लाजा से ओवरलोड वाहनों को सूचना नहीं दी जा रही है। इस पर डीएम नाराज हुए। उन्होंने अधिकारियों से दोनों टोल प्लाजा पर अपने सीसीटीवी लगाने को कहा। बोले अपने कैमरे लगाकर खुद ओवरलोड वाहनों की निगरानी करें। ओवरलोड वाहन की सूचना मिलते ही जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी ओवरलोड वाहन नहीं निकले। इसके लिए टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
Published on:
12 Dec 2023 07:23 pm
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