
बरेली. तीन तलाक (Triple Talaq) के एक मामले में पीड़िता ने इंस्पेक्टर पर समझौते का दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा ने उससे कहा कि मुुकदमा वापस लेकर समझौता कर लो, जो भी पैसे मांगोगी वह दिलवा देंगे। जबकि इंस्पेक्टर बारादरी शितांशु शर्मा ने पीड़िता के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
कांकरटोला की रहने वाली तीन तलाक पीड़िता सूफिया खान ने बताया कि उसका निकाह 30 मई 2020 को सैलानी निवासी फाहद अली के साथ हुआ था। पीड़िता के अनुसार, फाहद अली के मामा समाजवादी पार्टी सांसद आजम खान (Azam Khan) के समधी हैं। इसलिए इंस्पेक्टर उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही उसको दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और इसी बीच पति फाहद अली ने तीन तलाक देकर उसे घर सेे भगा दिया। उसने इस मामले में एक नवंबर को बारादरी पुलिस से शिकायत की थी।
केस दर्ज होने के दो महीने बाद भी पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
पुलिस ने उसकी तहरीर पर पति फाहद अली, सास जरीना, जेठ रिजवान और आमिर, जेठानी रूबी के विरूद्ध केस दर्ज किया था। पीड़िता का आरोप है कि दाे महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। उसका कहना है कि दबाव बनाने के लिए आरोपी पति ने उसके भाई और परिजनों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए हैं, जिनमें इंस्पेक्टर शितांशु शर्मा जांच कर रहे हैं।
पीड़िता और परिजनों के खिलाफ दर्ज है डकैती का केस
इस संबंध में इंस्पेक्टर बारादरी शितांशु शर्मा का कहना है कि महिला के पति की तरफ से पहले ही उसके और परिजनों के विरूद्ध डकैती का केस दर्ज किया गया है। इस मामले में वह विवेचना कर रहे हैं। वहीं, पीड़िता ने इसके बाद पति समेत अन्य ससुरालियों के विरूद्ध केस दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना श्यामगंज चौकी प्रभारी राजेंद्र सिरोही कर रहे हैं।
Published on:
6 Jan 2021, 12:35 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.