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भारत ने भर लिए तेल के भण्डार..अब 100 दिन की क्षमता लक्ष्य

-2017-18 से बीकानेर को है इंतजार
- 90-100 दिन की भण्डारण क्षमता होगी देश की
-1.75 लाख बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन उत्पादित कर रहा है बाड़मेर

बाड़मेर

Published: October 29, 2021 11:43:52 am

रतन दवे
बाड़मेर पत्रिका.
देश व प्रदेश में कोयले की कमी की वजह से बिजली के संकट ने तो घेर लिया है लेकिन क्रूड ऑयल(कच्चे तेल) का भण्डार भारत ने भर लिया है। देश के तीन बड़े रिजर्व वायर में यह भण्डारण तेल की कीमतें गिरने पर कर लिया गया है लेकिन राजस्थान को अभी भी टीस है कि 2017-18 के बजट में घोषित बीकानेर तेल रिजर्व पर काम नहीं हुआ है,इसी कतार में राजकोट(गुजरात) भी है। ये दोनों तैयार होते है प्रदेश की सभी रिफाइनरी की क्षमता और रिजर्व मिलाकर करीब 90 दिन का तेल संग्रहित रख पाएंगे। अभी रिफाइनरी की 65 दिन और 10 दिन के करीब की है।
कीमतें गिरी तो भण्डार भरा
कोरोनाकाल में क्रूड ऑयल की कीमतें गिरकर 20 से 30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। भारत ने इसका फायदा उठाते हुए इस दौर में देश के तीनों क्रूड रिजर्व में तेल का भण्डार कर लिया है, जो करीब 9.5 दिन का है।
यह है देश की क्षमता-5.33 मिलियन टन
विशाखापट्टनम(आंध्रप्रदेश)-1.33 मिलियन टन
मंगलौर(कनाज़्टक)- 1.5 मिलियन टन
पाडुर(कर्नाटक)-2.5 टन
यहां स्वीकृति
पाडुर (2.5 मिलियन टन कर्नाटक)व चांडीखोल(उड़ीसा, 4 मिलियन टन)
यहां अभी इंतजार
बीकानेर एवं राजकोट
क्या है तेल रिजर्व
कच्चे तेल का भण्डारण भूमिगत शैल गुफाओं में किया जाता है। रिफाइनरी या अन्य माध्यम से इनमें तेल सुरक्षित रखा जाता है जो सामरिक व आपात जरूरत में देश के लिए जरूरी है।
खाड़ी युद्ध से सबक
- 1990 के खाड़ी युद्ध के वक्त देश को सबक मिला,तब केवल 03 दिन का तेल रिजर्व ही था,इसके बाद देश ने तेल संग्रहण की नीति को बदला और तीन रिजर्व तैयार किए। भारत के लिए चिंता इसलिए भी है कि देश करीब 80 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है,ऐसे में सामरिक दृष्टिकोण से विकट स्थिति में देश में भण्डार होना जरूरी है।
अब 90 से 100 दिन की योजना
देश में तेल भण्डारण क्षमता बढ़ाने के लिए अब बीकानेर-राजकोट के अलावा भी इंडियन स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड को भारत सरकार ने करीब 90 से 100 दिन की क्षमता के भण्डारण की योजना के लिए कहा है। यह देश में कच्चे तेल की आत्मनिर्भरता का पर्याय होगा।
बाड़मेर के तेल ने उम्मीद जगाई
बाड़मेर जिले में 2004 की विश्व की सबसे बड़ी खोज मंगला हुई। इसके बाद करीब 38 तेल कुएं है। देश के कुल घरेलू उत्पादन का आधे से अधिक तेल आने वाले समय में बाड़मेर से उत्पादित होगा,जब बाड़मेर में 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन तेल उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। देश का कुल उत्पादन करीब 7.5 लाख बैरल प्रतिदिन है और अभी बाड़मेर 1.75 लाख बैरल तेल उत्पादित कर रहा है।
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