12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

19 करोड़ रुपए खर्च के बाद भी जनता पानी को ‘मोहताज’

योजना पूरी, राहत अधूरी: शहरी पेयजल योजना की जमीनी हकीकत-सात में से तीन टंकियों से नहीं मिल रहा पानी

2 min read
Google source verification

बस्सी

image

Vinod Sharma

May 18, 2025

water problem

बस्सी में 19 करोड़ रुपए खर्च, फिर भी पेयजल समस्या

बस्सी. शहरी पेयजल योजना के तहत बस्सी नगरपालिका क्षेत्र में पानी की सप्लाई के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने करीब 19 करोड़ रुपए खर्च कर दिए, लेकिन इसके बावजूद शहरवासियों को आज भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। विभाग द्वारा शहर में 7 उच्च जलाशयों (टंकियों) का निर्माण किया, पाइपलाइनें बिछाई गई और घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए। इसके बावजूद पेयजल समस्या जस की तस है, जिससे आमजन में आक्रोश है। नगरपालिका क्षेत्र के भागीरथपुरा, चालीस्या की ढाणियां, नई रीको के पास ढाणियां, नसियां इलाका, नांदोलाई और गुढ़ा चक जैसे इलाकों में टंकियों का निर्माण हो चुका है और उनमें पानी की टेस्टिंग भी कर ली गई है, लेकिन कई जगह पाइप लाइनें नहीं बिछाई और जहां बिछाई है, वहां अभी तक घरों में नल कनेक्शन नहीं जोड़े गए। इन इलाकों के लोगों को पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है या आसपास के बोरवेल पर निर्भर है। लोगों का कहना है कि वे रोजाना जलदाय विभाग और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं मिल पाया है।

10 से 15 मिनट ही मिल रहा पानी
बस्सी शहर के चक इलाके, चक रोड और रजिस्ट्रार कार्यालय के पास के क्षेत्रों में भी पेयजल की स्थिति बेहद खराब है। यहां लोगों को कभी-कभार 10 से 15 मिनट ही पानी मिल पाता है, वह भी बहुत कम दबाव के साथ। प्रेशर की कमी के चलते कई लोग बूस्टर पंप लगाकर काम चला रहे हैं, लेकिन जिनके पास ये सुविधा नहीं है, वे परेशान हैं।

समाधान की दरकार
बस्सी के हालात यह सवाल खड़ा करते हैं कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद आमजन तक पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा है? जनता अब स्थायी समाधान की मांग कर रही है। विभागीय लापरवाही और अधूरी योजनाओं ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर दिया है।

आमजन की पीड़ा…
-एडवोकेट मनीष शर्मा बस्सी शहर ने बताया कि जब नलों में पानी आता है तब प्रेशर नहीं आता है। जिन लोगों के बूस्टर लगे हैं, उनके यहां तो पानी आ जाता है, जिनके बूस्टर नहीं है, वे देखते ही रह जाते हैं।

-कालूराम मीना नांदोलाई भोण्डा की ढाणी ने बताया कि नांदोलाई इलाके में अभी भी कई जगह पाइप लाइन नहीं बिछाई है। जिनके यहां पानी आता है वह भी बहुत कम आता है। जिससे पेयजल समस्या जस की तस है।

-रामगोपाल जांगिड़ खातियों की ढाणी आगरा रोड ने बताया कि उनके यहां पर चालीस्या की ढाणी वाली टंकी से सप्लाई होना बताया जा रहा है, लेकिन अभी तक उनके यहां पाइप लाइन ही नहीं बिछाई गई है।

-छोटूराम माली नसियां देवगांव रोड ने बताया कि नई रीको के पास कई जगह पाइप लाइन ही नहीं बिछाई है। जिससे लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

इनका कहना है…
चालीस्या व भागीरथपुरा टंकी से नहीं हुए कनेक्शन शहरी पेयजल योजना में चालीस्या एवं भागीरथुरा इलाके के लिए पानी की टंकी बनकर तैयार है। चालीस्या की टंकी तो कुछ कनेक्शन चालू है, लेकिन भागीरथपुरा की टंकी से लोग कनेक्शन ही नहीं ले रहे हैं। अन्य इलाकों में पानी की कोई समस्या नहीं है।
-नन्दकिशोर मीना, सहायक अभियंता जलदाय विभाग बस्सी