
आंवला के पौधों पर छाई बहार...,आंवला के पौधों पर छाई बहार...,आंवला के पौधों पर छाई बहार...
बागवानों के चेहरे पर खुशी
पौधों पर आंवला अधिक लगने से बागवानों के चेहरे पर खुशी छलक रही है। एक ओर भाव अधिक हैं वहीं, दूसरी ओर बाजार में मांग भी अधिक है। उन्हें बाजार में आंवला के भाव 19 रुपए प्रति किलो तक मिल रहे हैं।
इस बार अच्छे मुनाफे की उम्मीद
परी क्षेत्र में आंवला खरीद के लिए कस्बे में दर्जनों व्यापारी है। देसी का बाजार भाव सबसे कम और कंचन का सबसे अधिक रहता है । व्यापारियों को बाजार में मांग काफी बढऩे की उम्मीद है। सही समय पर मावट होने से आंवला में वजन भी अधिक होने का अनुमान है।
यूं होता है सौदा
आंवला बागवान व व्यापारी वर्ग के मध्य में सौदा सबसे अहम कड़ी बनता है । इसमें बिचौलियों की भूमिका नहीं होती। व्यापारी वर्ग पौधों पर आंवले देखकर पूरे बाग का सौदा तय कर लेते हैं। कुछ राशि अग्रिम भुगतान के रूप में दी जाती है। कुछ व्यापारी पूरी रकम दे देते हैं। इससे किसानों का फायदा हो जाता है।
आंवला की किस्म व बाजार
परी क्षेत्र में हाथीजून,चक्या,डमरु, एनने सेवन, देसी, ग्राफ , हाइब्रिड, कंचन, कृष्णा, आनंद, दित्तीय, छर्रा, नरेंद्र, लाल बगड़ मुख्य हैं। यहां से प्रतिदिन दर्जनों आंवले के वाहन हैदराबाद, दिल्ली,उत्तराखण्ड सहित अन्य स्थानों के लिए रवाना होते हैं। व्यापारी आंवले तोडऩे के बाद ग्रेडिंग करके बोरियों व कार्टन में पैकिंग करके माल बाहर भेजते हैं।
राज विजयसिंह— जैतपुर खींची
Published on:
28 Dec 2022 02:59 pm
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