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कोटपूतली में लगातार दूसरी बार नहीं मिली किसी को विधायकी

पिछले विधानसभा चुनावों की स्थिति
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बस्सी

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Santosh Kumar Dhakar

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Updated: 11 Oct 2018, 10:55 PM IST

 poltical news

कोटपूतली में लगातार दूसरी बार नहीं मिली किसी को विधायकी

कोटपूतली. कोटपूतली विधानसभा सीट कई बातों को लेकर चर्चा में हैं। एक तो यह कि वर्ष 1953 के बाद मतदाताओं ने किसी भी विधायक को लगातार दूसरी बार विधायक बनने का मौका नहीं दिया। हालांकि तीन विधायक दो बार निर्वाचित हुए, लेकिन लगतार जीतने का मौका नहीं मिला। वहीं दूसरी यह है कि यहां से 1993 के बाद से विपक्ष का विधायक रहा है। प्रदेश में जिस दल की सरकार होती है, कोटपूतली विधायक विपक्षी दल का होता है। क्या इस बार भी कोटपूतली विधानसभा क्षेत्र का मतदाता यह इतिहास दोहराएगा, यह चर्चा शहरवासियों में आम है। इसके अलावा विधानसभा चुनावों में यहां किसी एक राजनीतिक दल का वर्चस्व नहीं रहा है। इसका बड़ा कारण जातिगत समीकरण हैं। भाजपा व कांग्रेस भी जातीय समीकरणों के आधार पर ही उम्मीदवार का फैसला करती आई है। कोटपूतली से कांग्रेस के जयपुर जिला देहात अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह यादव विधायक हैं और पहली बार विधायक बने हैं।
नहीं मिला मंत्री
वैसे तो कोटपूतली जिले की दौड़ में है, लेकिन सरकार किसी भी दल की रही हो, कोटपूतली विधायक को मंत्री पद नहीं मिला। हालांकि वर्ष 2008 के चुनाव में लोसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर जयपुर पहुंचे रामस्वरूप कसाना को कांग्रेस ने संसदीय सचिव जरूर बनाया था। क्षेत्र में गुुर्जर, यादव व राजपूत मतदाता अधिक हैं।
पांच बार निर्दलीयों का दबदबा
अब तक हुए 14 चुनावों में जातिगत आधार पर सात बार गुर्जर विधायक निर्वाचित हुए हैं। राजनीतिक दलों के आधार पर देखें तो पांच बार निर्दलीय, पांच बार कांग्रेस, दो बार स्वतंत्र पार्टी के अलावा भाजपा व जनसंघ के उम्मीदवारों ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। कांग्रेस की तुलना में भाजपा में टिकट दावेदारों की संख्या अधिक होने से पार्टी के पदाधिकारी पशोपेश में हैं। लोगों का किसी दल विशेष से जुड़ाव नहीं होने से पांच बार निर्दलीय बाजी मार चुके हैं।
विधानसभा क्षेत्र कोटपूतली
वर्ष विजयी पार्टी
1952 हजारी शर्मा कांंग्रेस
1953 हजारी शर्मा कांग्रेस
1957 रामकरण जनसंघ
1962 मुक्तिलाल कांग्रेस
1967 श्रीराम रावत स्वत्रंत पार्टी
1972 सुरेशचंद स्वतंत्र पार्टी
1977 रामकरण निर्दलीय
1980 श्रीराम रावत कांग्रेस
1985 मुक्तिलाल निर्दलीय
1990 रामकरण निर्दलीय
1993 रामचन्द कांग्रेस
1998 डॉ.आर.गौड भाजपा
2003 सुभाष शर्मा निर्दलीय
2008 रामस्वरूप लोसपा
2013 राजेन्द्र यादव कांग्रेस