
Crowd gathered in Chhota Mahadev Bhopali
रानीपुर। सतपुड़ा के सुरम्य वादियों में बसा छोटा महादेव भोपाली शिवरात्रि के पावन पर्व पर हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। देर रात्रि 12बजे से ही श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का पूजन अर्चन प्रारंभ कर दिया था। घोड़ाडोंगरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र कुमार महतो ने बताया कि पहाडिय़ों में दरार आ जाने की वजह से प्रशासन स्तर से श्रद्धालुओं को शिखर गुफा पर जाने के लिए रोक लगा दी गई थी। जिसका श्रद्धालुओं ने पालन करते हुए भगवान भोलेनाथ का सीडिय़ों के पास पूजन अर्चन का कार्य किया। देर 12 बजे रात से ही श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन करना प्रारंभ कर दिया था जो कि शिवरात्रि के देर रात्रि तक दर्शन करने का सिलसिला चलते रहा। कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने बैतूल से लेकर रानीपुर भोपाली अंबा माई तक ड्राई फूड से लेकर खिचड़ी प्रसादी का वितरण किया गया। बैतूल जिले का लोकप्रिय पावन तीर्थ भोपाली महादेव में महाशिवरात्रि पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने टेका मत्था भोपाली का छोटा महादेव नामक पवित्र पावन तीर्थ स्थल जो कि बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के रानीपुर ग्राम से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्थान पर पहुंचने के लिए दिन में नदी के दर्शन करते हुए पहुंचना पड़ता है। छोटा महादेव तीर्थ स्थल के बारे में बताया जाता है कि यहां पर भस्मासुर नामक राक्षस के भय से भगवान भोलेनाथ सतपुड़ा की पावन गुफा में थोड़ी देर रुके थे। ऐसी धार्मिक मान्यता है भगवान शिव की गुफा में शिवलिंग स्थित है। जिसकी पूजा अर्चना से मनोकामना पूर्ण होती है। कई श्रद्धालु मान्यता के अनुसार यहां पर लोहे के बड़े-बड़े त्रिशूल भी चढ़ाते हैं। इसी स्थान से जल का एक स्त्रोत भी निकलता है जिस के पावन जल के सेवन हुआ सीजन से रोग दोष नष्ट होते हैं। छोटा महादेव भोपाली में शिवरात्रि में मध्य प्रदेश सहित महाराष्ट्र, हरदा, भोपाल, होशंगाबाद से हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। भगवान शिव के दर्शन पूजन के लिए सभी धर्म प्रेमी बंधु यहां पहुंचते हैं। वह पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। यहां का दृश्य बहुत ही सुहावना व सुंदर रमणी है7 पहाडिय़ों में तथा भगवान भोलेनाथ भोले शंकर का यह पावन जागृति स्थल यहां पर बार-बार आने का मन करता है। इस पावन स्थल पर सतह से 15 फीट की ऊंचाई पर एक कुआं है जिसमें शिव की जटाएं हैं। इसके दर्शन से भी श्रद्धालुओं को मोक्ष प्राप्त होता है। भोपाली के छोटे महादेव की आकृति शेषनाग की फनी जैसी दिखाई देती है। यहां पर श्रद्धालु आकर पूजन अर्चन करते हैं। छोटा महादेव भोपाली में जाने वाले श्रद्धालु हर हर महादेव जय भोले जय सेवा करते हुए भगवान भोले के दरबार में जाते हैं। भोले बाबा के दरबार का पावन जल का बड़ा महत्व है। फसलों पर यदि कोई बीमारी हो तो उसे मात्र छिड़कने से फसलों पर आई बीमारी दूर हो जाती है। यहां की व्यवस्था समिति व पुलिस प्रशासन के द्वारा की जाती है। समय-समय पर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन भी दिया जाता। है जिससे कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कर सके वह सानंद घर लौट सके। यहां पर कुछ रतालू तारा प्रसाद भोजन भंडार की व्यवस्था की जाती है। शिवरात्रि में परिजन नर नारी पैदल यात्रा करते हैं पैदल यात्रा का भी बड़ा महत्व बताया गया है। यहां पर त्रिशूल भी चढ़ाया जाता है इस पावन स्थल पर यज्ञ पूजन भजन राम सुतार रामायण भागवत कथाओं का भी आयोजन किया जाता है। शिवरात्रि के पावन मेले में लाखों की संख्या में भक्तजन इस पावन धाम में आते हैं और अपनी मनोकामना पूरी करते हैं इसे मनोकामना सिद्ध स्थल भी कहा जाता है।
Published on:
01 Mar 2022 09:26 pm

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