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पढ़े,पीएम आवास योजना के चार हितग्राहियों पर क्यों दर्ज हो सकती है एफआईआर

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में स्वयं हितग्राहियों द्वारा ही फर्जीवाड़ा किया जाना सामने आया है। हितग्राहियों ने आवास योजना की राशि बैंक से आहरण करने के बाद भवन निर्माण शुरू नहीं कराया और पूरी राशि डकार गए।

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पीएम आवास योजना

Houses being built in rural areas under housing scheme

बैतूल। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में स्वयं हितग्राहियों द्वारा ही फर्जीवाड़ा किया जाना सामने आया है। हितग्राहियों ने आवास योजना की राशि बैंक से आहरण करने के बाद भवन निर्माण शुरू नहीं कराया और पूरी राशि डकार गए। नगरपालिका द्वारा हितग्राहियों को भवन शुरू किए जाने को लेकर तीन से चार बार नोटिस भी जारी किए गए लेकिन नोटिस को कोई असर हितग्राहियों पर नहीं पड़ा। इसलिए राशि की वसूली को लेकर अब नगरपालिका हितग्राहियों पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।
चार हितग्राहियों ने डकार ली पूरी राशि
प्रधानमंत्री आवास योजना के द्वितीय चरण में हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए एक-एक लाख रुपए की राशि नगरपालिका द्वारा जारी की गई थी।कुल ७५० से अधिक हितग्राहियों को राशि जारी किया जाना बताया गया था लेकिन इनमें से चार हितग्राहियों द्वारा छह महीने बाद भी भवन निर्माण शुरू नहीं कराया गया। बताया गया कि हितग्राहियों द्वारा बैंक खाते से राशि तो आहरण कर ली गई लेकिन भवन निर्माण नहीं कराया। जब नगरपालिका ने इन्हें नोटिस जारी किए तो उन्होंने समस्या बताते हुए अगले महीने से भवन निर्माण करने की बात कहीं लेकिन तीन से चार बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी जब हितग्राहियों द्वारा भवन निर्माण शुरू नहीं किया गया तो अब उनके विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
छह हितग्राहियों ने काम शुरू कर बीच में बंद किया
योजना के प्रथम चरण के छह हितग्राहियों के मकान अभी तक पूरे नहीं बन सके हैं। बताया गया कि हितग्राहियों ने भवन निर्माण का काम तो शुरू कराया था लेकिन बीच में ही निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। किसी का छत नहीं डला है तो किसी की दीवार खड़ी नहीं हुई है। नगरपालिका द्वारा भवन निर्माण पूर्ण करने के लिए हितग्राहियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं लेकिन कोई जवाब हितग्राहियों द्वारा नहीं दिया गया है। जिसके कारण यह आवास अब भी अपूर्ण होना बताए जाते हैं। नगरपालिका का कहना था कि इन्हें भी अंतिम सूचना जारी की जा चुकी हैं यदि वे तय समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराते हैं तो उनके विरूद्ध भी एफआईआर के लिए लिखा जा सकता है।
अभी तक दो हजार से अधिक मकान स्वीकृत
बैतूल शहर में बीते तीन सालों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत २ हजार १०१ मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से १३५० मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जिसमें लोग वर्तमान में निवासरत है। जबकि ७५१ मकान निर्माणाधीन बताए जाते हैं लेकिन इनकी किस्त देरी से आने के कारण निर्माण कार्य सुस्त गति से चल रहे हैं। वहीं लगातार बारिश की वजह से भी निर्माण कार्य में दिक्कतें आ रही है। बताया गया कि आवास योजना के प्रकरण स्वीकृत होने पर राशि सीधे हितग्राही के खातों में तीन किस्तों में डाली जाती है। वर्तमान में जो भवन निर्माणाधीन होना बताए जाते हैं बजट के अभाव में उनकी किस्तों में भी लेटलतीफी हो रही है।
इनका कहना
- आवास योजना की किस्त मिलने के बाद भी कुछ हितग्राहियों द्वारा निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है। जबकि नपा तीन से चार बार नोटिस जारी कर चुकी हैं। अब राशि वसूली के लिए हितग्राहियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
-प्रियंका सिंह, सीएमओ नगरपालिका बैतूल।

ठेके पर एक साथ बनाए जा रहे है आवास
बैतूल। ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती रही है। कई क्षेत्रों में तो हितग्राहियों ने आवास योजना का राशि आहरण कर ली लेकिन अभी तक आवास पूर्ण नहीं किए हैं। बताया गया कि बैतूल ब्लॉक के ग्राम हिवरखेड़ी में एक साथ ३५ आवासों का निर्माण ठेके किया जा रहा है। ३५ दिनों दिनों में २० से अधिक मकान लेंटर हाईट तक पहुंच गए हैं। मॉडल के तौर पर आवासों का निर्माण कराया जा रहा है। ग्राम के मिथलेश राजपूत ने बताया कि हिवरखेड़ी में कुल ४५ आवास योजना के तहत स्वीकृत हुए हें। एक कॉलोनी में २५ मकान बनाए जा रहे हैं। रविवार को विधायक निलय डागा एवं जिला पंचायत सीईओ एमएल त्यागी ग्राम हिवरखेड़ी आवासों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जहां उन्होंने आवास योजना के तहत बन रहे भवन निर्माणों का मौके पर निरीक्षण किया। साथ ही हितग्राहियों से भी आवास योजना के निर्माण को लेकर चर्चा की। बताया गया कि यहां एक साथ सभी आवासों के निर्माण कार्य चल रहे थे। ठेकेदार द्वारा आवासों का निर्माण किया जा रहा है।