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आचार्य महाश्रमण प्रतिदिन करते है 4 से 5 किलोमीटर का भ्रमण

रास्ते में हर व्यक्ति करता है घर में पगलिया करने का आग्रह

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आचार्य महाश्रमण प्रतिदिन करते है 4 से 5 किलोमीटर का भ्रमण

आचार्य महाश्रमण प्रतिदिन करते है 4 से 5 किलोमीटर का भ्रमण

भीलवाड़ा।
देशभर में अहिंसा, नैतिकता एवं नशा मुक्ति की अलख जगाने के लिए धर्म यात्रा करते हुए भीलवाड़ा में चातुर्मास कर रहे जैन तेरापंथ धर्म संघ के आचार्य महाश्रमण प्रतिदिन आदित्य विहार से लगभग ४ से ५ किलोमीटर की पैदल यात्रा करते है। इस दौरान रास्ते में मिलने वाले जैन व अजैन लोग उनके सामने नतमस्तक होकर आशीर्वाद लेने के साथ ही पगलिया घर में करने का आग्रह करते है। लेकिन आयार्च महाश्रमण उन्हें मांगलिक सुनाकर आगे बढ़ जाते है। यह क्रम गत १८ जुलाई से लगातार चल रहा है। वे सुबह ७ बजे बाद अचानक बिना किसे बताए ही किसी भी मार्ग पर निकल जाते है। हालांकि उनके साथ अन्य मुनि व चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष प्रकाश सुतरिया व समिति के अन्य पदाधिकारी भी रहते है।
सुतरिया ने बताया कि मंगलवार को भी आचार्य महाश्रमण तेरापंथ नगर से जमना विहार व टेकरी के बालाजी होते हुए करीब 4 किलोमीटर के लगभग भ्रमण किया। रास्ते में मिलने वाले श्रावक एवं अन्य लोग भी दर्शन किए तथा आचार्य से आशीर्वाद लिया। वही स्मृति वन के बाहर सुबह-सुबह घुमने के लिए आने वाले लोग भी उनके दर्शन करने को लालायित रहते है। सुतरिया ने बताया कि यह आचार्य महाश्रमण का दिनचर्या का हिस्सा है। सुबह-सुबह ताजी हवा के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी लोगों को करते है।