अदालत में पंखे कम, वकील का लोक अदालत से परिवाद खारिज

अदालत परिसर में पर्याप्त मात्रा में पंखे नहीं लगे होने पर दायर परिवाद स्थायी लोक अदालत ने खारिज कर दिया

By: tej narayan

Published: 16 May 2018, 11:33 AM IST

भीलवाड़ा।

अदालत परिसर में पर्याप्त मात्रा में पंखे नहीं लगे होने पर दायर परिवाद स्थायी लोक अदालत ने खारिज कर दिया। लोक अदालत ने कहा कि ये मामला प्रशासनिक है, अगर कोई समस्या है तो परिवादी न्यायिक प्रशासन से वार्ता करें।

 

READ: किशोरी को लिफ्ट देने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाकर बीगोद ले जाकर दुष्कर्म


अधिवक्ता राजेश्वरी शर्मा की आेर से गत दिनों दायर परिवाद में कहा कि अदालत परिसर में पर्याप्त पंखे नहीं लगे है। तारीख-पेशी पर आने वाले लोगों को भीषण गर्मी में पसीने से तरबतर होना पड़ता है। बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था व समुचित पेयजल का भी बंदोबस्त नहीं है।

 

READ: राजस्थान के इस गांव में किसी सिरफिरे की करतूत, पानी में मिलाया मौत का सामान

 

मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट की अदालत के बाहर लगे पंखे को भी हटा दिया गया। मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट को भी पक्षकार बनाने के लिए आवेदन किया था। इस मामले में अदालत ने नोटिस जारी कर कोर्ट मैनेजर को तलब किया था।

स्थाई लोक अदालत अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अधिवक्ता के परिवाद को खारिज कर दिया। अदालत ने निर्णय में उल्लेख किया कि 14 अप्रेल 2017 को मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट की अदालत के बाहर पंखा लगाने एवं उसे तत्काल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के सहयोग से उतरवा लेने का विवाद बताया। उन्होंने लिखा कि न्यायालय परिसर मूलतस्थानीय न्यायिक प्रशासन के नियंत्रण व देखरेख में है। वहीं इसका समाधान होगा।


अनदेखी का आरोप, ग्रामीण डाक सेवकों की हड़ताल

भीलवाड़ा केंद्रीय कर्मचारी घोषित करने समेत अन्य मांगों को लेकर ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के आह्वान पर जीडीएस कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रधान डाकघर के गेट पर प्रदर्शन किया। नारेबाजी की।

 

उन्होंने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। भारतीय डाक कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने भी मांगों को लेकर हड़ताल की तथा प्रदर्शन किया। संघ सचिव प्रहलाद पारीक ने बताया, केंद्र सरकार से शाखा डाकघरों में कार्यरत जीडीएस को केंद्रीय कर्मचारी घोषित करने, सांतवें वेतन आयोग की परिधि में लाने समेत कई मांगें उठाईं। ग्रामीण क्षेत्रों में जीडीएस के जिम्मे ही डाक के आदान-प्रदान समेत सभी विभागीय कार्य है, लेकिन उन्हें काफी कम वेतन मिल रहा है। जीडीएस को केंद्रीय कर्मचारी घोषित करने की मांग की। चेतावनी दी कि शीघ्र मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करेंगे। एडीएम को ज्ञापन दिया है।

tej narayan
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned