8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Dr. Abhilash Modi डॉ.अभिलाष मोदी ने बदल दी​ जिन्दगी की धारा

Dr. Abhilash Modi Bhilwara डॉ.अभिलाष मोदी का जीवन विद्यार्थियों एवं युवाओं के जीवन को स्वर्णिम बनाने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कई सारे राष्ट्रीय व विश्व कीर्तिमान हांसिल किए। इनमें ग्रीनिज वल्र्ड रिकार्ड, लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड शामिल है, उन्हें कोरोना संकट काल में अंग्रेजी को आसान तरीके से सीखने के लिए दुनियां का पहला रेप सोंग लिखा और गाया भी।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Narendra Kumar Verma

•

Updated: 28 May 2022, 9:30 AM IST

डॉ.अभिलाष मोदी ने बदल दी​ जिन्दगी की धारा

डॉ.अभिलाष मोदी ने बदल दी​ जिन्दगी की धारा

डॉ.अभिलाष मोदी का जीवन विद्यार्थियों एवं युवाओं के जीवन को स्वर्णिम बनाने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कई सारे राष्ट्रीय व विश्व कीर्तिमान हांसिल किए। इनमें ग्रीनिज वल्र्ड रिकार्ड, लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड शामिल है, उन्हें कोरोना संकट काल में अंग्रेजी को आसान तरीके से सीखने के लिए दुनियां का पहला repe सोंग लिखा और गाया भी। इस सोंग को मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डवलपमेंट एंड एंटरप्रिम्योरशिप ने भी वर्ष 2021 में पुरस्कृत किया। मोदी ने सैन्य जवानों की हौंसला अफजाई के लिए 25 फीट ऊंची ट्रॉफी बनाई और सेना को समर्पित की, उन्होंने स्वच्छता मिशन की अलख जगाने के लिए प्रतीकात्मक रूप से २५ फीट की झाडू बनाई।

शिक्षा में कौशल के साथ.साथ मानसिकता भी जरुरी

शिक्षा का मूल उद्देश्य व्यक्ति में कौशल और सकारात्मक मानसिकता का आना है, ऐसा मानना है पत्रिका40 अंडर 40 पावर में चुने गए भीलवाड़ा के मोडिवेटर अभिलाष मोदी का, मोदी ने बताया कि राजस्थान पत्रिका की पावर लिस्ट में स्थान पाना उनके लिए अविस्मरणीय पल था, उनका यह भी कहना था कि जब आप कई सालों से निस्वार्थ भावना से कोई सही काम कर रहे होते हैं और पत्रिका जैसा पारदर्शी पत्रकारिता को दर्शाने वाला समाचार पत्र आपके कार्य की सराहना करता है तो आप में एक अपरिहार्य आत्मविश्वास आ जाता है। ऐसा ही आत्मविश्वास मुझ में पत्रिका के पावर लिस्ट में शामिल होने पर हुआ।

एमबीए के छात्र रहे मोदी ने बताया कि लगभग हर बच्चा समाज में एक सकारात्मक बदलाव करना चाहता है पर समाज और परिवार के प्रभाव व दबाव के चलते उसका कुछ सकारात्मक करने का सपना, सपना ही रह जाता है, मैने अपनी स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के बाद भीलवाड़ा शहर में एक फैक्ट्री में मजदूर के रूप में कार्य किया,

मेरे मन में हमेशा समाज के लिए कुछ सही करने का जज्बा बना रहता था, जब कड़ी मेहनत और लगन के बाद मुझे एक शिक्षक बनने का मौका मिला। दो साल शिक्षक रहने के बाद इस बात का गहराई से एहसास हुआ कि शिक्षक बनना एक सामाजिक व पारिवारिक जिम्मेदारी है, एक सही शिक्षक आने वाले वक्त के लिए एक सही परिवार और एक सही समाज तैयार कर सकता है।

अभिलाष ने बतायाकि शिक्षा केवल किसी कौशल को हासिल करके कमाने का नाम नहीं बल्कि सही मानसिकता के साथ आने वाली पीढिय़ों के लिए एक ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना है, जिसमें आने वाली पीढ़ी का हर बच्चा जिंदगी जीने के लिए भी उत्साही हो सके।

अभिलाष ने बताया कि वह वर्ष 2011 से अपने विषय अंग्रेजी पढ़ाने के साथ-साथ बच्चों को जिंदगी कैसे जीनी है की शिक्षा भी दे रहे है। शुरुआत में यह सफ र काफ ी कठिन था पर जैसे-जैसे विद्यार्थियों को अपने अंदर सकारात्मक परिवर्तन दिखने लगे वैसे वैसे अंग्रेजी सीखने के साथ-साथ व्यक्तित्व को अच्छा करने के ऊपर बच्चों का ध्यान जाता गया। मोदी बताते हैं कि उनका शुरू से एक ही उद्देश्य रहा है कि उनकी जिंदगी बाकी जिंदगियों के लिए प्रेरणा बन सके। उसी के चलते उन्होंने कई सारे राष्ट्रीय व विश्व कीर्तिमान हासिल किए। इनमें ग्रीनिज वल्र्ड रिकार्ड, लिम्का बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड शामिल है, उन्हें कोरोना संकट काल में अंग्रेजी को आसान तरीके से सीखने के लिए दुनियां का पहला रेप सोंग लिखा और गाया भी। इस सोंग को मिनिस्ट्री ऑफ स्किल डवलपमेंट एंड एंटरप्रिम्योरशिप ने भी वर्ष 2021 में पुरस्कृत किया।


उनके द्वारा अंग्रेजी व व्यक्तित्व निखार पर लिखी गई किताबें कई लोगों को बेहतर भाषा व व्यक्तित्व अच्छा करने में मदद कर रही है। उनकी एक कहानी को जोश टॉक्स व टेड ऐक्स पर भी दिखाया जा चुका है।

अभिलाष ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हर युवा का एक ही लक्ष्य है, स्वयं में समाधानित होन, परिवार में शिकायत मुक्त होना, नौकरी या व्यवसाय में समृद्ध होना। यदि यह तीनों लक्ष्य एक युवा में होता है तो समाज खुद ब खुद ही डर से मुक्त हो जाएगा। हर युवा को इसी लक्ष्य के लिए मेहनत करनी होगी ताकि पीढ़ी दर पीढ़ी हम एक बेहतरीन इंसान को देख सके मोदी ने बताया कि उनके जीवन का लक्ष्य शिक्षा में कौशल के साथ.साथ मानसिकता की भी महत्ता को जन.जन तक पहुंचाना है।

अभिलाष कहते हैं की राजस्थान पत्रिका एक अखबार नहीं वरन परिवार का हिस्सा है। राजनीति में स्वच्छता को लेकर पत्रिका े चेंजमेकर अभियान के जरिए एक नई जाग्रति लाया है। जागो जनमत अभियान, अमृतम जलम, हरयालो राजस्थान अभियान के साथ सामाजिक सरोकार से जुड़े कई अभियानों ने समाज एवं गावों के युवाओं को जोड़ा है। पत्रिका एक निष्पक्ष व दबाव रहित पत्रकारिता का आइना है। यह वह आइना है जो कि सोशल मीडिया व एक की आंधी में भी नहीं टूटा और सच्ची तस्वीर जनमानस के सामने पेश कर रहा है।