scriptEntrepreneurs defaulted after purchasing 38 plots worth Rs 100 crore | सौ करोड़ के 38 भूखंड खरीदकर उद्यमी हुए डिफॉल्टर | Patrika News

सौ करोड़ के 38 भूखंड खरीदकर उद्यमी हुए डिफॉल्टर

locationभिवाड़ीPublished: Dec 29, 2023 06:46:53 pm

Submitted by:

Dharmendra dixit


अभी तक एमनेस्टी से मिली थी राहत, अब नए साल में आएगी आफत

सौ करोड़ के 38 भूखंड खरीदकर उद्यमी हुए डिफॉल्टर
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भिवाड़ी. उद्योग लगाने के लिए औद्योगिक भूखंड खरीदकर लापरवाही बरतने वाले उद्यमियों के लिए नया साल कठिन हो सकता है। क्योंकि गत दो वर्ष से चली आ रही एमनेस्टी (छूट) योजना 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। अगर बीते तीन-चार साल में उन्होंने रीको की किश्त जमा नहीं की है और तीन साल में नियमानुसार उत्पादन भी शुरू नहीं किया है, ऐसी स्थिति में औद्योगिक भूखंड को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। करीब सौ करोड़ रुपए के 38 भूखंड खरीदने के बाद उनकी किश्त जमा नहीं होने की वजह से आवंटन निरस्त होने का खतरा मंडरा रहा है। गत तीन चार वर्ष में नीलामी से भूखंड खरीदे। भूखंड खरीदते समय ऊंची बोली लगाई। रीको को भी जमीनों के अच्छे भाव मिले और औद्योगिक क्षेत्र में कुछ ही समय में जमीन के भाव आसमान तक पहुंच गए। नीलामी में भूखंड खरीने के बाद तीन साल में उसकी किश्त रीको को जमा करनी थी, रीको ब्याज सहित किश्त बना देता है। लेकिन बीच में कई किश्त टूट गईं। इस तरह तीन किश्त छूटने पर रीको द्वारा नोटिस देकर भूखंड आवंटन को निरस्त करने का प्रावधान है लेकिन गत दो वर्ष से चल रही छूट योजना का लाभ देने के उद्देश्य से सभी प्रकार के जुर्माना और अतिरिक्त ब्याज पर माफी दी जा रही है। यह योजना भी 31 दिसंबर को समाप्त हो रही है। समय पर पैसा जमा कराने के लिए रीको द्वारा नोटिस भी दिए गए हैं। समय पर पैसा जमा नहीं होता है तब आवंटन निरस्त होने और रीको द्वारा भूखंड को स्वयं के अधिकार में लिया जा सकता है।
चालू वित्तीय वर्ष में सारेखुर्द औद्योगिक क्षेत्र में भी इसी प्रकार का मामला सामने आया, जहां एक कंपनी को आवंटित 75 करोड़ रुपए की 75 हजार वर्गमीटर जमीन को रीको ने निरस्त कर अपने कब्जे में लिया। न्यायालय में मामला चला इसके बाद 19 साल बाद रीको के पक्ष में फैसला आया।
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अभी 15 एकड़ क्षेत्र
रीको से उद्यमियों ने जो भूखंड खरीदे उनका क्षेत्रफल करीब 16 एकड़ है। इस जमीन की बाजार मूल्य करीब सौ करोड़ रुपए है। उद्यमियों ने नीलामी से भूखंड खरीदने के बाद किश्त जमा नहीं कराई। बकाया की राशि करीब 30 करोड़ रुपए है। तीन किश्त टूटने पर रीको आवंटन को निरस्त कर सकता है। लेकिन अभी दिसंबर तक चल रही एमनेस्टी योजना की वजह से डिफॉल्टर उद्यमियों को राहत मिली हुई है।
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उत्पाद की रिपोर्ट देना जरूरी
जानकारों के अनुसार कई बार निवेशक औद्योगिक क्षेत्र में भाव बढऩे की उम्मीद से भूखंड खरीद लेते हैं। जबकि रीको इस शर्त पर भूखंड देता है कि तीन साल में निर्माण कर उत्पादन शुरू करने की रिपोर्ट देनी होगी। जबकि कई बार खरीदारों को इस नियम की जानकारी ही नहीं होती। उत्पादन की रिपोर्ट नहीं देने पर रीको भूखंड आवंटन को निरस्त कर देती है। गत वर्ष में जो खरीदार आए उसमें कुछ मामले ऐसे भी हैं।
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एमनेस्टी योजना के तहत अभी तक ब्याज में छूट और कार्रवाई नहीं हो रही थी। नोटिस जारी कर डिफॉल्टर को अवगत कराया गया है। रीको नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
शिवकुमार, यूनिट हेड, रीको,

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