
आतंकी संगठनों को मदद दे रहे MP के 3 एजेंट गिरफ्तार, SMS से पाकिस्तान को दी थी बधाई, पूछताछ जारी
सतना/ भोपाल. सतना से फाइनेंस स्लीपर सेल के जरिए आतंकियों को रुपए पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अहम खुलासा हुआ है। सभी का संपर्क पाकिस्तान के 100 से अधिक फोन नंबरों से था। इनमें से अधिकतर नंबर एक ही मोबाइल कंपनी के हैं। तीनों आरोपी इंटरनेट कॉल के जरिए पाकिस्तानियों के संपर्क में थे। जब्त सामग्री में 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की बधाई देने वाले एसएमएस मिले हैं।
आतंकी संगठनों से फिर जुड़े सतना के तार, दो संदेहियों से पूछताछ
आरोपियों को एटीएस भोपाल, जबलपुर और सतना पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया था। गौरतलब है कि बुधवार की रात सुनील सिंह (23) पिता राजेंद्र सिंह निवासी महिदल थाना, रामपुर बाघेलान, बलराम सिंह (28) पिता शिव कुमार सिंह निवासी सोहास थाना कोटर, शुभम मिश्रा (25) पिता विजय मिश्रा निवासी आदर्श नगर नई बस्ती थाना कोलगवां सहित कोटर थाना क्षेत्र के खोहर निवासी भागेंद्र सिंह (30) एवं कोलगवां थाना क्षेत्र की नई बस्ती निवासी गोविंद कुशवाहा (25) को गिरफ्तार किया है। भागेंद्र और गोविंद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य तीनों आरोपियों को एटीएस के हवाले किया है। पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता आशुतोष प्रताप सिंह ने बताया कि यह मामला टेरर फंडिंग और ठगी का है। लॉटरी आदि के जरिए लोगों ये ठगी भी की गई है।
कमीशन के लालच में दे रहे थे गोपनीय जानकारी
तीनों आरोपियों ने मप्र सहित बिहार, प. बंगाल के लोगों के खातों में पैसे जमा करवाए। ये राशि आतंकियों तक पहुंचने की आशंका है। पैसों के एवज में सामरिक महत्व की जानकारियां पाकिस्तान भेजी जा रही थीं। तीनों ने पाकिस्तान के एजेंटों से छतरपुर, सतना-सीधी के 100 से अधिक लोगों के खातों में पैसे जमा करवाए। इन्हें 8त्न कमीशन मिला। मप्र के 70 खातों में 50 हजार तक का लेन-देन हुआ। अन्य प्रदेशों के बैंक खातों में एक से दो लाख रुपए जमा किए गए।
पुराने पाक एजेंटों से फिर साधा संपर्क
बलराम ने पाकिस्तान के उन्हीं एजेंटों से संपर्क कर बात की, जिनके साथ वह वर्ष 2017 में काम करता था। इस बार बलराम ने शुभम मिश्रा व सुनील सिंह को आगे कर परदे के पीछे से काम करना शुरू किया। इस बार इंटरनेट कॉलिंग से संपर्क किया गया। बलराम पूर्व में टेलीफोन एक्सचेंज बनाकर काम करता था। संदेह है कि पकड़े गए युवकों के तार मध्य प्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से भी जुड़े हो सकते हैं।
पहले भी पकड़ा जा चुका बलराम
बलराम सिंह को टेरर फंडिंग मामले में 8 फरवरी 2017 को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल जमानत पर था। जमानत की अवधि में वह दूसरे साथी को आगे कर यह काम फिर करने लगा। गौरतलब है कि पूर्व में ध्रुव सक्सेना सहित 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरोह पाकिस्तान के हैंडलरों-एजेंटों को निर्देश पर फर्जी खाते खुलवाकर उनमें पैसे जमा करवाते थे।
Published on:
23 Aug 2019, 8:39 AM IST
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