सैनिटाइज करने पहुंचे, बाहर से ही घर देखकर लौट गए

कोरोना से जंग में घोर लापरवाही: ऐसे कैसे रुकेगा संक्रमण

By: Rohit verma

Published: 27 Sep 2020, 01:24 AM IST

भोपाल. राजधानी में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों पर अंकुश लगे तो कैसे लगे। क्योंकि जिनके कंधों पर सैनिटाइजेशन की जिम्मेदारी है, वे पॉजिटिव मरीज के घर के बाहर से ही लौट जा रहे हैं। नरेला शंकरी अयोध्या बायपास में अपूर्वा इन्क्लेव के मकान नंबर 54 में शनिवार को एक महिला व एक युवती की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। दोनों मरीज घर पर ही आइसोलेशन में हैं। सुबह अयोध्या थाने से दो सिपाही आकर मरीजों की पुष्टि कर गए और बता गए कि दो लोग कोरोना पॉजिटिव हैं।

दोपहर में नगर निगम के दो कर्मचारी घर को सैनिटाइजेशन करने पहुंचे। हद तो तब हो गई जब सैनिटाइजेशन करने आए कर्मचारी थोड़ी देर तक बाहर खड़े रहे और मरीज की पुष्टि कर चुपचाप खिसक लिए। जब कुछ देर तक नहीं लौटे तो बाहर निकलकर देखा तो वे जा चुके थे। अगर, इसी तरह सैनिटाइजेशन हो रहा है, तो निश्चित ही ये बड़ी लापरवाही है। ऐसे में संक्रमण कैसे रुकेगा, आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं। जिन दो लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है वे खुद आस-पास के घरों में आए गए हैं। ऐसे में उनके घर का सैनिटाइजेशन के साथ आस-पास के घरों का सैनिटाइजेशन किया जाना भी अनिवार्य है।

कम हुई मरीजों की मॉनीटरिंग, फीवर क्लीनिक भी खुद जा रहे पॉजिटिव
कोरोना पॉजिटिव मरीजों को होम आईसोलेशन में इलाज कराने की सुविधा तो दे दी, लेकिन निगरानी कम हो गई। रोजाना एक नहीं ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं कि कोरोना पॉजिटिव खुद दवाई लेने तक बाहर निकल रहे हैं। उन्हें फीवर क्लीनिक से दवाइयां दी जा रही हैं। होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजों की मॉनीटरिंग कोविड कंट्रोल रूम से हो रही है, लेकिन उसमें उनको इतना लाभ नहीं मिल पा रहा जितना मिलना चाहिए था। घर पर कोई जांच करने भी नहीं जाता। सिर्फ फोन पर ही हालचाल पूछकर कोरम पूरा किया जा रहा है।

कहने को डॉक्टर हर रोज दिन में दो बार डॉक्टर वीडियो कॉल कर मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं। मरीज का टेंपरेचर, पल्स रेट की जानकारी ली जा रही है। मरीज दवाइयां खा रहे हैं या नहीं इसकी जानकारी भी डॉक्टर ले रहे हैं। दस दिन तक सभी पैरामीटर सामान्य होने पर मरीज को निगेटिव घोषित किया जा रहा है, लेकिन विजिट न होने से मरीजों को संतुष्टि कम मिल रही है। करीब 700 से ज्यादा मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है।

बिना लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है। इन मरीजों की रोजाना मॉनीटरिंग की जा रही है, जिससे मरीज को लक्षण दिखाई देने पर अस्पताल में शिफ्ट किया जा सके।
अविनाश लवानिया, कलेक्टर

सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करने पर 3 दिन बंद होगी दुकान, संस्थान
कोरोना संक्रमण पर लगाम कसने कलेक्टर अविनाश लवानिया ने मास्क नहीं लगाने वाले और सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करने वाले दुकान और संस्थान को तीन दिन बंद करने के आदेश दिए हैं। धारा-144 में जारी इन आदेशों को लेकर सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं, जहां भी लापरवाही दिखे उस संस्थान, दुकान पर जुर्माना लगाकर बंद कर दिया जाए। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारी, निगम और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शहर में कोरोना संक्रमण को रोकने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर जहां भीड़ रहती है वहां पर मास्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेंस का पालन अनिवार्य किया गया है।

Rohit verma Desk
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