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28 साल की हो गयी भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस, ये हैं शताब्दी के रोचक फैक्ट्स

भोपाल से दिल्ली और दिल्ली से भोपाल चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (12001/12002) को आज 28 साल पूरे हो गए हैं।
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भोपाल

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Astha Awasthi

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Updated: 14 Nov 2017, 1:06 PM IST

Bhopal Shatabdi Express

Bhopal Shatabdi Express

भोपाल। भोपाल से दिल्ली और दिल्ली से भोपाल चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस (12001/12002) को आज 28 साल पूरे हो गए हैं। यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान रखने वाली इस ट्रेन को सबसे पहले दिल्ली से झाँसी के बीच चलाया गया था, जिसे बाद में बढा़कर भोपाल तक कर दिया। भोपाल से दिल्ली तक पहुंचने में इसके कुल 8 स्टॉप हैं। भोपाल शताब्दी एक्सप्रेस, भोपाल से दिल्ली तक के 707 किलोमीटर सफर को 8 घंटे 30 मिनट में पूरी करती है। सबसे बड़ी बात ये है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसको सप्ताह के 7 दिन चलाया जाता है।

ये हैं शताब्दी एक्सप्रेस के रोचक फैक्ट

* शताब्दी एक्सप्रेस 1988 में भारत के पहले प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य मे शुरू की गई थी।

* शताब्दी एक्सप्रेस तत्कालीन रेल मंत्री श्री माधवराव सिंधिया की सोच का नतीजा थीं।

* पहली शताब्दी एक्सप्रेस को नई दिल्ली से झांसी के बीच शुरू किया गया था, जिसे बाद में बढा़कर भोपाल तक कर दिया गया।

* अब इस गाड़ी को भोपाल शताब्दी के नाम से जाना जाता है।

* शताब्दी को कुछ परिस्थितियों मे अन्य रेलगाडिय़ों की तुलना में प्राथमिकता दी जाती है और अधिकांश समय ये ट्रेन स्टेशन के श्रेष्ठ प्लेटफार्म या प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आती है।

* शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन भारत की सबसे तेज चलने वाली रेलगाड़ी है और इसकी औसत गति से लगभग 130 किमी/घंटा है।

* नई दिल्ली-भोपाल शताब्दी की गति नई दिल्ली और आगरा स्टेशनों के बीच लगभग 150 किमी/घंटा है, जो भारत में सबसे अधिक है।

* शताब्दी एक्सप्रेस का एक संस्करण है, जिसे स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता है।

* यह गाड़ी भारतीय रेल की सबसे शानदार रेल मानी जाती है।

* भारतीय रेल ने बाद में शताब्दी एक्सप्रेस का एक बिना वातानुकूलन और कम किराए वाला संस्करण शुरू किया, जिसे जन शताब्दी के नाम से जाना जाता है।

* जब यह भारत में 1988 में शुरू की गई थी, उस समय इस ट्रेन को एक बड़ी उपलब्धि माना जाता था।