मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की हालत बेहद नाजुक, वेंटिलेटर पर

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री की हालत बेहद नाजुक, वेंटिलेटर पर

Manish Geete | Publish: Aug, 14 2019 12:09:16 PM (IST) | Updated: Aug, 14 2019 12:35:25 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ( former Chief Minister ) एवं बीजेपी ( bjp ) के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। वे पिछले एक सप्ताह से भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। वे इस समय वेंटिलेटर ( ventilator ) पर हैं।

 

भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ( former Chief Minister ) एवं बीजेपी ( bjp ) के कद्दावर नेता बाबूलाल गौर की हालत बेहद नाजुक हो गई है। वे पिछले एक सप्ताह से भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। वे इस समय भी वेंटिलेटर ( ventilator ) पर हैं।


बीजेपी के कद्दावर नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। वे पिछले कुछ दिनों पहले ही दिल्ली के मेदांता अस्पताल से इलाज कराकर भोपाल लौटे थे। उन्हें श्वास लेने में तकलीफ के कारण भोपाल के नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूत्रों के मुताबिक तभी से गौर की हालत खराब बनी हुई है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। गौर को 7 अगस्त को भोपाल के नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

 

हेल्थ बुलेटिन जारी

इधर, नर्मदा हेल्थ ग्रुप की चेयरपर्सन डॉ रेणु शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के स्वास्थ्य की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। लेकिन बॉडी मूवमेंट है। जैसा इम्प्रूवमेंट होना चाहिए वैसा नहीं है। उपचार जारी है।

लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं गौर
दिल्ली से इलाज कराकर भोपाल पहुंचने के बाद से ही बाबूलाल गौर की तबीयत बिगड़ गई थी। अस्पताल के डाक्टरों की टीम का कहना है कि गौर की हालत क्रिटिकल बनी हुई है। लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। उधर, बाबूलाल गौर की हालत खराब होने के कारण बीजेपी के कई दिग्गज नेता उनका हाल-चाल जानने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।


बेबाक बयानबाजी के लिए रहते हैं सुर्खियों में
बाबूलाल गौर कुछ माह पहले चुनाव के दौरान उस समय चर्चा में आ गए थे जब उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के उस ऑफर को ठुकरा दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि आप कांग्रेस में शामिल हो जाइए और भोपाल से चुनाव लड़ें। बाबूलाल गौर ने भी इस बात का जिक्र करके राजनीति गर्मा दी थी। गौर ने भी कहा था कि मैंने मना नहीं किया है। गौर साहब के इस बयान के बाद कई मायने निकाले जाने लगे थे। इससे पहले भी वे खुद चुनाव लड़ने और गोविंदपुरा सीट से टिकट के लिए दावे कर चुके थे, लेकिन उम्र दराज होने के कारण पार्टी ने उनकी जगह उनकी बहू को टिकट दिया था। उनकी बहू गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की विधायक है।

गौरतलब है कि 2 जून 1930 में उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में जन्मे बाबूलाल गौर भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वे गोविंदपुरा से आठ बार विधायक रहे। 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। इससे पहले वे नगरीय प्रशासन मंत्री एवं प्रदेश के गृहमंत्री भी रह चुके हैं।

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