script 'स्ट्रगलिंग' के दिन एक्ट में देखकर रो पड़ीं सुधा चंद्रन  | Actor Dancer Sudha Chandra gets emotional at Zee TV's India's Best Dramebaaz Shooting | Patrika News

'स्ट्रगलिंग' के दिन एक्ट में देखकर रो पड़ीं सुधा चंद्रन 

Published: Feb 24, 2016 04:22:01 pm

Submitted by:

Nakul Devarshi

शारीरिक अक्षमता को अपनी सबसे बड़ी कामयाबी में तब्दील करने वाली डांसर कम एक्ट्रेस सुधा चंद्रन हाल ही में एक टीवी शो की शूटिंग के दौरान भावुक हो गई।

शारीरिक अक्षमता को अपनी सबसे बड़ी कामयाबी में तब्दील करने वाली डांसर कम एक्ट्रेस सुधा चंद्रन हाल ही में एक टीवी शो की शूटिंग के दौरान भावुक हो गई। ज़ीटीवी के लिए शूट किये जा रहे नॉन फिक्शन शो 'इंडियाज़ बेस्ट ड्रामेबाज़' में एक नन्ही बच्ची के मंत्रमुग्ध कर देने वाली पर्फोर्मेंस पर सुधा चंद्रन ने अपने आप को इतना जुड़ा हुआ सा महसूस किया कि उन्होंने इस एक्ट को कलाकारों द्वारा उन्हें दी गई अब तक की सर्वश्रेष्ठ श्रद्धांजलि बताया। 

दरअसल, शो के दौरान एक एक्ट में सुधा चंद्रन की ही आत्मकथा को बखूबी अंदाज़ से नन्हे कलाकारों ने पेश किया था। इस एक्ट में दिखाया गया है कि सुधा चंद्रन शारीरिक अक्षमता के बावजूद कैसे चुनौतियों का सामना करती हुई अपने लक्ष्य तक पहुंचती है। यह भावुक एक्ट का एपिसोड जल्द ही टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। 

दिल को छू लेने वाले और प्रेरणा से भरा एक्ट को स्टेज पर निभाया स्वस्ति और कार्तिकेय नाम के नन्हे कलाकारों ने। स्वस्ति ने जहां सुधा चंद्रन का किरदार निभाया, तो वहीं कार्तिकेय सुधा के पिता की भूमिका में नज़र आये। 

sudha chandran

इस इमोशनल एक्ट के बाद सारे जज और स्टुडियो में मौजूद दर्शक भी भावुक हो गए। सुधा ने बाद में स्वस्ति के साथ परफॉर्म भी किया। जानकारी के मुताबिक़ सुधा इस शो में खास तौर पर इस एक्ट को देखने ही पहुंची थीं, जिसे देखकर उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। 

एक्ट देखने के बाद सुधा चंद्रन ने बताया कि यह एक्ट उन्हें 30 साल पहले की यादों में ले गया जब उन्होंने अपनी जिंदगी पर आधारित फिल्म च्नाचे मयूरीच् में काम किया था। उन्होंने बताया कि यह एक्ट उन्हें दिया गया अब तक का सर्वश्रेष्ठ सम्मान एवं श्रद्धांजलि है।

sudha chandran

खुशी से उत्साहित सुधा ने कहा, ''इन बच्चों ने इतनी ईमानदारी से यह एक्ट प्रस्तुत किया कि यह मुझे उन स्थितियों की याद दिला गया जिनसे होकर मैं गुजरी थी। दुर्घटना के बाद जैसे मेरी जिंदगी ही खत्म हो गई थी और लोगों ने मुझे डांस से दूर रहने को कहा लेकिन मैं तो सिर्फ डांस ही करना चाहती थी और इसलिए मैंने दोगुनी ताकत लगा दी और अपना यह जुनून जारी रखा।''

सुधा ने कहा, ''मैंने इस नुकसान को अपनी जिंदगी में रुकावट कभी नहीं बनने दिया। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के अलावा मेरे माता-पिता भी जिंदगी की उन कठिन चुनौतियों का सामना करने के दौरान मेरे साथ मजबूती से डटे रहे। यदि मेरी जिंदगी लोगों को कभी हार न मानने के लिए प्रेरित करती है तो इससे मुझे सच्ची संतुष्टि मिलेगी।''

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