रैगिंग मामले में सजा का पहला मामला, 4 सानियर छात्राओं को 5 साल की जेल

भोपाल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, चार आरोपी छात्राओं को रैगिंग केस में सुनाई

By: Shailendra Sharma

Updated: 06 Feb 2021, 11:23 AM IST

भोपाल. 8 साल पुराने रैगिंग के एक मामले में भोपाल कोर्ट ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने रैंगिग केस की चारों आरोपी छात्राओं को 5-5 साल की सजा सुनाने के साथ ही दो-दो हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने मामले में एक आरोपी को निर्दोष पाए जाने पर उसे बरी भी किया। एडिशनल सेशन जज अमित रंजन की कोर्ट ने ये फैसला सुनाया। जिस मामले में आरोपियों को सजा सुनाई गई है वो साल 2013 का है।

 

रैगिंग केस में 4 आरोपी छात्राओं को सजा
शुक्रवार को भोपाल कोर्ट ने रैगिंग के जिस मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया वो साल 2013 का है। तब भोपाल के आरकेडीएफ कॉलेज में पढ़ने वाली बी फार्मा की छात्रा अनीता शर्मा ने रैगिंग से परेशान होकर खुदकुशी कर ली थी। अनीता ने आत्महत्या करने से पहले फेसबुक पर अपने एक दोस्त के साथ चैट करते वक्त अपना दर्द भी बयां किया था और कहा था कि सीनियर्स से फालतू पंगा लेने का कोई मतलब नहीं है मैं तो अपने किसी जूनियर को तंग नहीं करुंगी। अनीता के खुदकुशी करने के बाद ये मामला काफी चर्चाओं में रहा था। अब करीब आठ साल बाद कोर्ट ने अनीता रैगिंग केस की आरोपी देवासी शर्मा, कृति गौर, दीप्ति सोलंकी, निधि मगरे को आरोपी मानते हुए उन्हें 5-5 साल की सजा सुनाई है और 2-2 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं इस मामले की ही एक अन्य आरोपी को कोर्ट ने निर्दोष पाए जाने पर बरी भी कर दिया है।


रह रह कर सामने आता रहा है रैगिंग का जिन्न
बता दें कि मध्यप्रदेश में रैगिंग के मामले समय समय पर सामने आते रहे हैं। यूजीसी ने रैगिंग की घटनाओं से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर- 1800-180-5522 भी जारी किया है जिस पर रैगिंग से परेशान छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में रैगिंग की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

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