scriptEnglish becomes a problem for students of government schools | सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए अंग्रेजी बनी आफत | Patrika News

सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए अंग्रेजी बनी आफत

locationभोपालPublished: Jan 20, 2024 08:10:29 pm

- भोपाल के 50.4 जबलपुर के 35.4 प्रतिशत युवा ही पढ़ पाए अंग्रेजी का वाक्य

- 14-18 साल के भोपाल के 22.9 और जबलपुर के 36.5 प्रतिशत युवाओं का नामांकन नहीं

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देश में शिक्षा की वार्षिक स्थिति को लेकर एएसईआर की ओर से सलाना रिपोर्ट जारी की गई । असर 2023 बियॉन्ड सर्वेक्षण 26 राज्यों के 28 जिलों में किया गया है। प्रत्येक राज्य में एक ग्रामीण जिले का सर्वेक्षण किया गया है। जबकि यूपी और एमपी में दो ग्रामीण जिलों का सर्वेक्षण किया गया है। जिसमें देश की शिक्षा प्रणाली को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दरअसल एएसईआर रिपोर्ट में देश के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के शैक्षिक कौशल की वास्तविकता बताई गई है। रिपोर्ट के मुख्य रूप से 14-18 साल के बच्चों पर विशेष फोकस किया गया था। जिसमें ये तथ्य सामने आया है कि अंग्रेजी छात्रों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। स्कूल में नामांकि छात्रों में से केवल 57.3 प्रतिशत छात्र ही अंग्रेजी में वाक्य पढ़ सकते हैं। और जो पढ़ लेते हैं उनमें 73.5 प्रतिशत ही उसका अर्थ बता पाते हैं।

भोपाल, जबलपुर के 14-18 साल के 68 % पढ़ पाए कक्षा 2 का पाठ

एएसईआर में मध्यप्रदेश के दो जिलों में सर्वेक्षण किया गया। जिसमें भोपाल और जबलपुर शामिल है। सर्वे में ये तथ्य सामने आया है कि भोपाल के 14-18 साल के 68.8 प्रतिशत और जबलपुर के 68 प्रतिशत युवा ही कक्षा दो का पाठ पढ़ पाए। वहीं भोपाल के 38.1 प्रतिशत और जबलपुर के 36.2 प्रतिशत युवा ही गणित का सवाल हल कर पाए। वहीं छात्रों के लिए अंग्रेजी भी सर्वे में बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई। भोपाल के 50.4 प्रतिशत और जबलपुर के 35.4 प्रतिशत युवा ही अंग्रेजी का वाक्य पढ़ पाए।

भोपाल में 22.9 और जबलपुर के 36.5 प्रतिशत युवाओं का दाखिला नहीं

14-18 आयुवर्ग में किए गए सर्वेक्षण में ये तथ्य भी सामने आया है कि भोपाल में 77.1 प्रतिशत युवाओं ने ही कहीं न कहीं दाखिला ले रखा है। जिसमें 36.8 युवा सरकारी संस्थानों में नामांकित हैं। जबकि 22.9 प्रतिशत युवाओं के एडमिशन कहीं नहीं है। ऐसे ही जबलपुर में 63.5 प्रतिशत युवाओं का ही नामांकन है। जिसमें 49.5 प्रतिशत युवा सरकारी सरकारी संस्थाओं में नामांकित है। वहीं 36.5 प्रतिशत युवा कहीं भी नामांकित नहीं है।

लड़कों के अपेक्षाकृत लड़कियां स्मार्टफोन इस्तेमाल में थोड़ा पीछे

सर्वेक्षण रिपोर्ट में बताया गया है कि भोपाल के 92.9 प्रतिशत युवाओं के पास स्मार्टफोन है। लड़कों में यह अनुपात 97.3 और लड़कियों में 92 प्रतिशत है। वहीं जबलपुर की बात की जाए तो वहां 88.4 प्रतिशत युवाओं के पास स्मार्टफोन है। लड़कों में यह अनुपात 96.6 और लड़कियों में 92 प्रतिशत है।

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