MP: यहां रोज 3 किसान कर रहे SUICIDE, आंखें खोल देंगे ये आंकड़े

MP: यहां रोज 3 किसान कर रहे SUICIDE, आंखें खोल देंगे ये आंकड़े
farmer suicide

दिलचस्प बात यह है कि साल 2015 में राज्य में सूखे से ज्यादा प्रभावित होने के बाद भी पिछले 4 सालों के मुकाबले पिछले साल आत्महत्या की घटनाएं करीबन आधी रहीं।


भोपाल। राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो की तरफ से आए ताज़ा आंकड़े चौंका देने वाले हैं। आरटीआई के माध्यम मिले इन आकड़ों के मुताबिक, पिछले 6 सालों में मध्य प्रदेश में 6594 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। इससे भी ज्यादा चौंका देने वाला तथ्य यह था कि इन 6,594 किसानों में से 80 प्रतिशत (5300 के आसपास) किसानों ने इसलिए आत्महत्या की क्योंकि वह साहूकारों से लिया लोन का भुगतान करने में असमर्थ थे। एक एनजीओ के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद ये बात सामने आई हैं।

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राज्य अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आकड़ों के मुताबिक, साल 2010 और 2015 के बीच, औसतन, रोज़ाना करीबन 3 किसानों ने आत्महत्या की। सीमांत किसान, जिनके पास बहुत ही छोटी ज़मीन है जोतने के लिए, वह आत्महत्या को लेकर ज्यादा प्रवण रहे। दिलचस्प बात यह है कि साल 2015 में राज्य में सूखे से ज्यादा प्रभावित होने के बाद भी पिछले 4 सालों के मुकाबले पिछले साल आत्महत्या की घटनाएं करीबन आधी रहीं।

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आंकड़ों के मुताबिक साल 2010 में 1,227 किसानों ने आत्महत्या की। वहीं 2011 में करीबन 1,326 लोगों ने आत्महत्या की और 2014 तक आत्महत्या की संख्या इसी के आसपास रहीं। साल 2014 में आत्महत्या करने वालों की संख्या 1,198 थी। हालांकि, साल 2015, यह आकड़े अचानक से घटकर 581 पर आ गए।

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आत्महत्या करने वाले मामलों के जिलों की लिस्ट में रीवा जिला 556 आत्महत्याओं के साथ सबसे ऊपर है। साल 2014 में, रीवां में 204 आत्महत्याएं दर्ज की गई। खरगोन 517 आत्महत्याओं के साथ दूसरे नंबर पर रहा और झाबुआ और अलीराजपुर 331 और 329 आत्महत्याओं के साथ तीसरे और चौथे नंबर पर।

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कार्यक्रम अधिकारी के अनुसार, पिछले तीन सालों में हुई आत्महत्या की जांच के बाद ये सामने आया है कि इन आत्महत्याओं में 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में स्थानीय साहूकारों को लोन वापस ना कर पाने के दबाव में आत्महत्या की गईं। इसके साथ ही यह भी पाया गया कि आत्महत्या करने वाले इन किसानों के परिवारों को साहूकारों से लिए गए इस लोन के बारे में कुछ नहीं पता था।

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मौत का आंकड़ा
अब तक कुल सुसाइड: 6594
2010 में 1,227
2011 में 1,326
2014 में 1,198
2015 में 581


आत्महत्या में टॉप 4 जिले
1- रीवां- 556
2- खरगोन- 517
3- झाबुआ- 331
4- अलीराजपुर- 329
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