
हमीदिया अस्पताल की आई ओटी बंद, पांच माह में चौथी बार मिला बैक्टीरिया,हमीदिया अस्पताल की आई ओटी बंद, पांच माह में चौथी बार मिला बैक्टीरिया,Hamidia Hospital
भोपाल. हमीदिया अस्पताल के 2000 बिस्तरों के अस्पताल में डिजाइन में बदलाव और नए प्रोजेक्ट के जुडऩे का असर बजट पर भी पड़ रहा है। प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए बजट खत्म हो चुका है, अब काम पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को करीब 264 करोड़ रुपए की दरकार है। विभाग फंड के लिए दूसरे विभागों से आस लगाए हुए है। ऐसे में केन्द्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय से मदद की उम्मीद बंधी है। मंत्रालय अस्पताल के रुके हुए निर्माण के लिए फंड दे सकता है। मालूम हो कि अस्पताल प्रोजेक्ट की लागत करीब 480 करोड़ रुपए है। लेकिन अब इसमें कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनके लिए जरूरी बजट के लिए पीडब्ल्यूडी और मंत्रालय के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। इसमें पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने नए प्रोजेक्ट के लिए फंड की मांग की है। जानकारी के मुताबिक अल्पसंख्यक मंत्रालय अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराता है।
आज आएंगे सचिव दास
जानकारी के मुताबिक बैठक के बाद मंत्रालय के सदस्य सचिव पीके दास शुक्रवार को हमीदिया अस्पताल का दौरा कर सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कुल फंड में से 50 फीसदी केन्द्र सरकार और बाकी राज्य सरकार देगी।
यह सुविधाएं हो रही शुरू
हमीदिया अस्पताल में अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ऑर्थोपेडिक्स सेंटर के साथ टीबी रीजनल इंस्टीट्यूट, तीन मंजिला स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स, नई मर्चुरी के साथ एक दंर्जन से ज्यादा नए निर्माण किए जाने हैं। इनके निर्माण में करीब पौने तीन अरब रुपए खर्च होंगे।
एक साल पिछड़ गया काम
हमीदिया अस्पताल की 13 मंजिला नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य जून 2019 में पूरा होगा। पीडब्ल्यूडी (पीआईयू) के अफसरों के मुताबिक हॉस्पिटल की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य 75 फ ीसदी से ज्यादा हो गया है। अगले छह महीने में निर्माण कार्य पूरा कर बिल्डिंग गांधी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सौंप दी जाएगी। ताकि जीएमसी प्रशासन हमीदिया अस्पताल के स्पेशिएलिटी डिपार्टमेंट्स को शिफ्ट कर संबंधित विभागों की ओपीडी शुरू की जा सके।
35 करोड़ रुपए तक बढ़ी निर्माण लागत
दो हजार बिस्तर के अस्पताल, लाइब्रेरी भवन, नर्सिंग हॉस्टल व छात्रावास समेत सभी प्रोजेक्ट्स की शुरू में अनुमानित लागत 435 करोड़ थी। नए ओपीडी भवन के निर्माण, डिजाइन में बदलाव व प्रोजेक्ट में नई चीजें जुडऩे की वजह से इसकी लागत करीब 35 करोड़ बढ़ गई है। पीआईयू की तरफ से जल्द ही प्रस्ताव शासन को भेजने की तैयारी है।
बैठक हुई थी अब मंत्रालय के सचिव एक दो दिन में निरीक्षण करेंगे। अगर फंड मिलता है तो इससे सुविधाओं में विस्तार होगा।
डॉ. आदित्य अग्रवाल, प्रभारी डीन
यह हैं प्रमुख सुविधाएं जिनके लिए मांगे पैसे
290000000 - संपवेल का निर्माण
490000000 - ऑथोपेडिक्स एक्सिलेंसी
170000000 - स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स
1050000000 - उपकरण और फर्नीचर
410000000 - टीबी रीजलन इंस्टीट्यूट
Published on:
31 Jan 2020 03:04 am
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