हमीदिया में किडनी ट्रांसप्लांट में दिक्कत नहीं हो इसलिए सर्जरी करने वाले डॉक्टर ने मरीज के लिए खुद किया रक्तदान

ऐन वक्त पर ब्लड की कमी हुई तो डॉ हिमांशु शर्मा ने दिया ब्लड, वे हमीदिया में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए चार साल से कर रहे थे प्रयास

भोपाल.राजधानी के हमीदिया अस्पताल को प्रदेश में पहला किडनी ट्रांसप्लांट करने का खिताब मिल चुका है। इस ट्रांसप्लांट यूनिट को शुरू कराने के लिए डॉ. हिमांशु शर्मा बीते पांच सालों से प्रयास कर रहे थे। जब पहले ट्रांसप्लांट की घड़ी आई तो मरीज का हीमोग्लोबिन कम निकला। ट्रांसप्लांट के लिए करीब 6 यूनिट ब्लड की जरूरत थी। मरीज के बेटे राजीव शर्मा ने प्रयास किया लेकिन ओ पॉजीटिव ग्रुप का ब्लड नहीं मिल पा रहा था जब इसकी जानकारी डॉ. हिमांशु शर्मा को लगी तो उन्होंने खुद ब्लड दिया। बुधवार को हमीदिया में मुरैना से पहुंचे मरीज केशव दत्त शर्मा के रिश्तेदारों ने डॉ. शर्मा के समर्पण की सराहना की। यही नहीं रिश्तेदारों को भेजे गए मैसेज से डॉक्टर के समर्पण की कहानी सामने आई है।
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चार साल से कर रहे थे ट्रांसप्लांट यूनिट के लिए प्रयास, अब मिली सफलता
डॉ. हिमांशु शर्मा ने 2017 में एमडी करके हमीदिया में ज्वाइन किया। तभी से वे यहां किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू करने के प्रयास में जुट गए। डेढ़ साल पहले आई कोरोना महामारी ने उनके प्रयास को रोक दिया लेकिन जैसे ही मरीज कम हुए उन्होंने फिर अपनी मुहिम शुरू की और 7 सितंबर को मुरैना के पोरसा निवासी केशव दत्त शर्मा को उनकी पत्नी की किडनी प्रत्यारोपित कर प्रदेश में पहले सरकारी ट्रांसप्लांट करने वाले अस्पताल में शामिल किया।

तीन दिन में डिस्चार्ज होंगे
केशव दत्त शर्मा के बेटे राजीव ने बताया कि अगले दो-तीन दिन में अस्पताल से माता-पिता को डिस्चार्ज किया जाएगा। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य हमीदिया आकर डॉ. हिमांशु और पूरी टीम को धन्यवाद देंगे। उन्होंने कभी सोचा भी न था कि इतने कम खर्च में सफलतापूर्वक उनके पिता को किडनी ट्रांसप्लांट हो जाएगा।

सुनील मिश्रा
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