चिकित्साधिकारी भर्ती के लिए एमपीपीएससी के पास पहुंचे पांच गुना से ज्यादा आवेदन तो भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए 818 डॉक्टर

- साक्षात्कार से बाहर हुए उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा 615 अनारक्षित वर्ग से
- उम्मीदवार बोले- चार साल से कर रहे थे इंतजार, आयोग लिखित परीक्षा कराकर ले साक्षात्कार

भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा की जा रही मेडिकल ऑफीसर्स की भर्ती प्रक्रिया से करीब आठ सौ से ज्यादा उम्मीदवार बाहर हो गए हैं। इसके पीछे पीएससी का तर्क है कि विज्ञापित पदों के 5 गुना उम्मीदवारों को मैरिट लिस्ट के आधार पर इंटरव्यू में शामिल किया जाएगा। कुल 576 पदों के लिए निकाली गई इस भर्ती में ज्यादा आवेदन आने के चलते इंटरव्यू के पहले ही करीब 818 उम्मीदवार बाहर हो गए हैं। प्रक्रिया से बाहर हुए डॉक्टर्स ने आयोग को लिखित परीक्षा कराकर मैरिट में आए केंडिडेट्स के इंटरव्यू कराने का अनुरोध किया है।

बीते 14 जून को एमपीपीएससी ने चिकित्सा अधिकारियों के 576 पदों के लिए 23 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मंगाए थे। 5 अगस्त तक आवेदन के अनुसार डॉक्यूमेंट्स की हार्डकॉपी आयोग को भेजने की अंतिम तिथि तय की गई थी। इसमें आवेदन करने वाले डॉक्टर इंटरव्यू का इंतजार कर रहे थे कि बीते शनिवार 17 सितंबर को आयोग ने आदेश जारी करते हुए करीब 818 उम्मीदवारों को इंटरव्यू प्रक्रिया से बाहर कर दिया। इसके पीछे तर्क दिया गया कि वर्गवार बनाई गई मैरिट के अनुसार ज्यादा आवेदन आए हैं। ऐसे में फॉर्म फीस भरकर सालों से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे डॉक्टरों को निराशा हाथ लगी है।
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वर्ग वार बाहर हुए उम्मीदवार
अनारक्षित 615

ओबीसी 119
एससी 73

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कुल 576 पदों के लिए होनी है भर्ती

अनारक्षित- 144, अजा- 72, अजजा- 242, ओबीसी- 60, ईडब्ल्यूएस- 58(इनमें से महिलाओं के लिए आरक्षित 191 पद: अनारक्षित- 48, अजा- 24, अजजा- 80, ओबीसी- 20, ईडब्ल्यूएस- 19
लोकोमोटिव डिसेबिलिटी वाले दिव्यांगों के लिए 35 पद आरक्षित किए गए हैं।

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ऐसे बनाई गई मैरिट

कटऑफ माक्र्स :
अनारक्षित वर्ग 60 प्रतिशत (महिला, पुरूष दोनों)

ओबीसी पुरूष 58.49 प्रतिशत, महिला 57.67 प्रतिशत
अनुसूचित जाति पुरूष 55.63 , महिला 54.20

अनुसूचित जनजाति के सभी 168 केंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए पात्र
ईडब्ल्यूएस के सभी 99 उम्मीदवार इंटरव्यू दे सकेंगे।

लोको मोटर डिसेबिलिटी के सभी 22 उम्मीदवार साक्षात्कार में शामिल होंगे।
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वर्जन
हम कई सालों से पीएससी से भर्ती का इंतजार कर रहे थे। हमने फीस भरकर आवेदन किया है। अब ज्यादा आवेदन आए हैं तो उम्मीदवारों को बिना किसी परीक्षा के इंटरव्यू से बाहर करना गलत है। आयोग सभी उम्मीदवारों की लिखित परीक्षा करा ले इसके बाद इंटरव्यू कराए जाएं। विज्ञापन में परसेंटेज का क्राइटेरिया नहीं रखा गया था।

डॉ. संकुल द्विवेदी,
राज्य प्रतिनिधि, आईएमए, जूनियर डॉक्टर नेटवर्क

सुनील मिश्रा
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