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LOKSABHA ELECTION: 75 पार उम्र वालों को मिलेगी टिकट, कुंवारे नेताओं को देंगे बड़ा पद!

LOKSABHA ELECTION: 75 पार उम्र वालों को मिलेगी टिकट, कुंवारे नेताओं को देंगे बड़ा पद!

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भोपाल

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Manish Geete

Mar 09, 2019

ELECTION

भोपाल/नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर उम्र दराज नेताओं को टिकट देने न देने पर भाजपा की संसदीय बोर्ड की बैठक में कई फैसले लिए गए। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद भाजपा पार्टी के भीतर चल रहे असंतुष्ट नेताओं का गुस्सा शांत हो जाएगा और वे चुनाव से एन पहले बगावत नहीं कर पाएंगे। शुक्रवार देर रात को दिल्ली में हुई भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में दूसरा फैसला शादीशुदा नेताओं को लेकर भी हुआ है। इसके बाद शादीशुदा नेताओं में खलबली मच गई है।

तो शादीशुदा नेताओं में बेचैनी
दूसरी तरफ पार्टी शादीशुदा संगठन महामंत्रियों में बेचैनी भी देखी जा रही है। क्योंकि हाल ही में उत्तरप्रदेश के तीन संभागीय संगठन मंत्रियों को पद से हटा दिया गया। क्योंकि वे विवाहित थे। इसके बाद माना जा रहा है कि पार्टी अब मध्यप्रदेश में भी यह फार्मूला लागू कर रही है। इसलिए इसकी सुगबुगाहट भी तेज हो गई है कि अब भाजपा अन्य राज्यों में भी अविवाहित नेताओं को तवज्जो देगी।

यह लोग हैं शादुशुदा
पार्टी संगठन में अविविवाहित महामंत्रियों को पूरी तरह से जिम्मा देने की प्रक्रिया फिर से शुरू हो रही है। पिछले दिनों पहले ही इंदौर में इस फार्मूले पर विचार विमर्श किया गया था। मध्यप्रदेश में रीवा के संभागीय संगठन महामंत्री जितेंद्र लिटोरिया और नर्मदापुरम संभाग के संभागीय संगठन महामंत्री श्याम महाजन ही यहां अविवाहित हैं। बाकी विवाहित हैं।

इन्हें हटाया जा सकता है
संगठन महामंत्रियों में जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें हटाया जा सकता है। इनमें चंबल-ग्वालियर के शैलेंद्र बरुआ, भोपाल-सागर के आशुतोष तिवारी, शहडोल के संतोष त्यागी, उज्जैन के प्रदीप जोशी, इंदौर के जयपाल सिंह चावड़ा भी हैं जिन पर दबाव बन सकता है।

मध्यप्रदेश बुजुर्ग नेताओं की बढ़ी उम्मीदें
भाजपा के ताजा फैसले से मध्यप्रदेश में भी 75 पार कर चुके उम्र दराज नेताओं को उम्मीद जागी है कि वे अभी पार्टी से बाहर नहीं किए गए हैं। मध्यप्रदेश में जब भी उम्र दराज नेताओं की बात आती है तो सबसे पहले बाबूलाल गौर, सरताज सिंह, नागेंद्र सिंह, कुसुम मेहदेले का नाम आता है। यह सभी नेता अपने आपको बुजुर्ग नहीं मानते हैं और चुनाव लड़ने का दम रखते हैं। दूसरी ओर उम्र दराज नेताओं में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, ज्ञान सिंह भी हैं।

79 की उम्र पर है बाबूलाल गौर
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ सालों से चला आ रहा 75 पार का विवाद थमता नजर आ रहा है। पिछले कुछ सालों से पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर (79) और मंत्री रहे सरताज सिंह को उम्र दराज होने का खामियाजा भुगताना पड़ा था। भाजपा के दोनों ही दिग्गज नेताओं को मंत्री पद छोड़ना पड़ा था। तभी से दोनों ही पार्टी विरोधी बयान देते रहते हैं। इस बार भी पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को गोविंदपुरा विधानसभा सीट से टिकट नहीं दिया गया था, तो उनके सुर बागी हो गए थे। उनके बदले उनकी पुत्रवधू कृष्णा गौर को टिकट दे दिया था। इसके बाद गौर थोड़े संतुष्ट नजर आए थे, लेकिन अब वे लोकसभा चुनाव से पहले ही एक्टिव हो गए हैं।

अब लोकसभा चुनाव से पहले एक्टिव हैं गौर
करीब 35 सालों से भाजपा के कब्जेवाली भोपाल लोकसभा सीट पर वे चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। हाल ही में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के साथ उनकी मुलाकात भी काफी चर्चाओं में रही थी। क्योंकि दिग्विजय सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होकर भोपाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऑफर दे दिया था।

सरताज ने भी बदला पाला
इससे पहले विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता सिवनी मालवा विधानसभा सीट से दोबारा टिकट के दावेदार थे, लेकिन उम्रदराज होने के कारण पार्टी ने इन्हें भी टिकट नहीं दिया, तो भाजपा को छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। वे होशंगाबाद विधानसभा सीट से भाजपा के दिग्गज नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरण शर्मा के खिलाफ मैदान में उतरे थे। हालांकि सरताज को हार का सामना करना पड़ा।

यह हुए बैठक में शामिल
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही विदिशा सांसद एवं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, अरुण जेटली, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, मध्यप्रदेश से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री इस बैठक में मौजूद थे।