मिशन 2018: भाजपा फिर उम्रदराज नेताओं को जोड़ने में जुटी

Deepesh Tiwari

Publish: Nov, 15 2017 11:25:08 (IST)

Bhopal, Madhya Pradesh, India
मिशन 2018: भाजपा फिर उम्रदराज नेताओं को जोड़ने में जुटी

भाजपा का ग्रंथालय ऐसे सभी उम्रदराज नेताओं से संपर्क साध रहा है, जो कभी जिला अध्यक्ष रहे हैं या उन्होंने विधानसभा-लोकसभा का चुनाव लड़ा है।

भोपाल। सरकार से 75 पार के दो नेताओं की छुट्टी के बाद माना जाने लगा था कि भाजपा उम्रदराज नेताओं से दूर रहेगी, लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पिछले दिनों भोपाल दौरे में इस फार्मूले को नकार गए। कई भाजपाई आज हाशिए पर हैं।

उम्रदराज हो जाने से वैसे ही रेस से बाहर हो गए और बाकी बची कसर संगठन के 75 पार के फार्मूले ने पूरी कर दी। इससे कई उम्रदराज नेताओं ने पार्टी से किनारा कर लिया। आंकड़े के मुताबिक हर जिले में उपेक्षित बुजुर्गों की संख्या करीब सौ हो सकती है, यानी पूरे प्रदेश में तकरीबन पांच हजार।

चुनावी साल में भाजपा एक बार फिर उन बुजुर्गों को जोडऩे की कवायद में जुट गई है। भाजपा का ग्रंथालय 60 बरस की उम्र पार कर चुके ऐसे सभी नेताओं से संपर्क साध रहा है, जो कभी पार्टी के जिला अध्यक्ष रहे हैं या विधानसभा-लोकसभा का चुनाव लड़ा है।

संगठन एक बार फिर इनसे संवाद स्थापित करेगा, ताकि जरूरत पर उनके अनुभव का लाभ पार्टी के लिए उठाया जा सके। इन नेताओं के पास कोई पुराना दस्तावेज या किसी बड़े नेता के हाथ की लिखी चिट्ठी या पुराना फोटो रखा है, तो भाजपा का ग्रंथालय विभाग उसे लेकर अपना डाक्यूमेंटेशन करने जा रहा है।

चुनावी साल में भाजपा कोई चूक रखना नहीं चाहती है। ऐसे नेता जो पिछले 15 साल में उम्र गुजर जाने से हाशिए पर जा पहुंचे हैं, अब पार्टी के लिए काम के साबित हो सकते हैं। उनके अनुभव के साथ ही पार्टी एक बार फिर उन्हे खुद से जोड़ पाएगी।

भाजपा अपने उन नेताओं का डाटा तैयार करके उनसे फिर से संपर्क कर रही है, जो 60 साल की उम्र पार हैं और पार्टी ने उन्हें भुला दिया है। पार्टी इनसे संवाद बढ़ाने के साथ ही उनके पास मौजूद पुराने दस्तावेज, चिट्ठियां और फोटो का डाक्यूमेंटेशन कर रही है।

हम भाजपा के पुराने नेताओं से संपर्क कर रहे हैं। उनसे संवाद भी स्थापित होगा और उनके पास जो दस्तावेज-पुरानी चि_ियां हैं, वह भी हमारे ग्रंथालय के काम आएगी।
- नंदकुमार सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, मप्र

हमारे विभाग को संगठन ने यह काम दिया है कि पुराने नेताओं से संपर्क करें। हर जिले में काम शुरू हो गया है।
- अनिल सप्रे, प्रदेश संयोजक, प्रलेखन एवं ग्रंथालय विभाग, भाजपा

इधर, कर्णावत भाजपा की पराजय से खुशी -
बर्खास्त आईएएस डॉ. शशि कर्णावत ने चित्रकूट उपचुनाव में अपने समर्थन वाले प्रत्याशी की हार को लेकर कहा कि हमारा मकसद जीत या हार था ही नहीं। हमारा मकसद सीएम शिवराज सिंह चौहान की हार था, जिसमें हम पूरी तरह सफल रहे। कर्णावत ने कहा, हमने भाजपा के वोट काटे, शिवराज सिंह और उनके मंत्री फेल साबित हुए। अब हम मुंगावली व कोलारस उपचुनाव में भी सक्रिय होंगे।

कर्णावत से बातचीत के प्रमुख अंश-
- चित्रकूट चुनाव में आपकी प्रत्याशी हार गईं, क्या कहेंगी?
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को हराने में हम सफल रहे। यही हमारी जीत है। पहले मैं सत्ता की नौकर थी, अब जनता हूं। सत्ता खुद जनता की नौकर होती है। इस नाते तय किया है कि इस सत्ता को अब नौकरी पर नहीं रखना।

- आपके प्रत्याशी के लिए परिणाम निराशाजनक रहे?
कोई निराशा नहीं, बल्कि खुशी है कि हमारा मकसद सफल रहा। हमे वोट लेने से ज्यादा काटने में दिलचस्पी थी। हमने भाजपा प्रत्याशी के वोट काटे। शिवराज सिंह और उनके मंत्री हार के जिम्मेदार हैं।

- मुंगावली व कोलारस उपचुनाव में भी प्रत्याशी उतारेंगी?
मुंगावली और कोलारस में प्रत्याशी उतारेंगे या नहीं, यह विचार-विमर्श के बाद तय होगा। लेकिन इतना जरूर है कि शिवराज के खिलाफ चुनाव अभियान चलाएंगे। खुद वहां पूरे उपचुनाव में काम करूंगी।

- क्या आप राजनीति में आने की इच्छुक हैं ?
2018 और 2019 में राजनीति के मैदान में जरूर रहूंगी, लेकिन किसी पार्टी में रहूंगी या नहीं, ये अभी नहीं कह सकती। विकल्प खुले हैं। 57 साल की उम्र हो चुकी है और नौकरी के तीन साल बचे हैं। अब राजनीति पर गंभीर हूं।

- तो आप कांग्रेस में जाएंगी या फिर खुद की पार्टी ?
मेरा मकसद सिर्फ शिवराज को हराना है। शिवराज ने मेरी लोकतांत्रिक और सामाजिक हत्या की है। इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दूंगी। कांग्रेस-भाजपा या खुद की पार्टी की बात नहीं है।

- आपके संबंध भाजपा में भी अच्छे रहे तो क्या वहां भी रास्ता खुला है?
मेरा भाजपा या किसी अन्य पार्टी से बैर नहीं है। विरोध सिर्फ सीएम से है। चुनाव प्रचार में भी शिवराज का विरोध किया। सत्ता का दंभ तोडऩा है।

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