
कैमरा देख मुंह छुपाने लगा रेप का आरोपी अश्वनी शर्मा, कोर्ट से पुलिस को मिली एक दिन की रिमांड
भोपाल. मूक-बधिर युवतियों से यौन शोषण में फंसे छात्रावास संचालक अश्विनी शर्मा ने अपनी करतूतों के उजागर होने के डर से छात्रावास की 15 युवतियों को उनके घर भेज दिया था। पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि अश्विनी को जैसे ही पता लगा कि धार की दो युवतियां उसकी करतूतों को खोल सकती हैं तो उसने भोपाल में बचाव की तैयारी शुरू कर दी।
पत्रिका अश्विनी से पीडि़त एक और युवती तक पहुंचा। सोमवार को एसआईटी ने हॉस्टल संचालक मूक बधिर छात्राओं से रेप और छेडछाड के आरोपी अश्वनी शर्मा को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से पुलिस को एक दिन की रिमांड मिली। इस दौरान आरोपी मीडिया से मुंह छिपाता रहा।
यौनशोषण में 4 साथी भी थे शामिल
इंदौर और धार में अश्विनी के खिलाफ यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाली चार युवतियों को रविवार को भोपाल लाया गया। एसआईटी इन्हें अश्विनी के उन छात्रावासों में लेकर पहुंची, जहां उनके साथ यौन शोषण किया गया। पुलिस ने अश्विनी के यहां से लैपटॉप, दस्तावेज और कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की।
पुलिस ने उसके नरेला संकरी इलाके में संचालित हॉस्टल से सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग भी कब्जे में ली है। सोमवार को रिमांड पूरा होने पर पुलिस अश्विनी को कोर्ट में पेश करेगी। संभावना है कि पुलिस उसका कोर्ट से रिमांड मांगेगी।
अश्विनी शर्मा ने वायरल कर दिया था वीडियो
अश्विनी शर्मा ने दुष्कर्म पीडि़ता मूक-बधिर युवती का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। एक छात्र ने यह वीडियो इंदौर में मूक-बधिर युवतियों के शिक्षक ज्ञानेन्द्र पुरोहित के पास भेजकर मदद मांगी थी। पुरोहित ने उज्जैन के दिव्यांग विद्यालय की शिक्षिका के पास यह शिकायत पहुंचाई थी और सामाजिक न्याय विभाग में अश्विनी की शिकायत करने का आग्रह किया।
शिक्षिका इस मामले को दबा गईं। उसने पुरोहित का फोन उठाना भी बंद कर दिया। यह वीडियो पुलिस को सौंपा है। पीडि़ता के अनुसार वीडियो उजागर करने का कहकर अश्विनी उन्हें छात्रावास से निकाल देने और जान से मारने की धमकी देता था। इधर, पुलिस ने सामाजिक न्याय विभाग की अधिकारी प्रभा सोमवंशी से भी पूछताछ की है।
Published on:
13 Aug 2018 01:37 pm

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