
every 10th person killed in an accident from MP
प्रवीण मालवी@भोपाल। प्रदेशभर में होने वाली दुर्घटनाओं के आंकड़े बताते हैं कि २४ घंटे के दौरान सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं शाम सात बजे से रात 11 बजे के बीच हो रही हैं, जबकि सड़कों से टै्रफिक पुलिस रात 10 बजे के बाद हट जाती है।
इसी तरह सुबह 7 से 9 व करीब 11 बजे तक ट्रैफिक दबाव बेहद ज्यादा होने के बावजूद दुर्घटनाएं सबसे कम दर्ज की जाती हैं। सड़कों पर दुर्घटनाओं की संख्या घटाने, टै्रफिक पुलिस के मैनेजमेंट और ड्यूटी अवर तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकने वाली इस रिपोर्ट को डायल 100 ने प्रदेश भर की दुर्घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर तैयार किया है। प्रदेशभर में जुलाई में डायल 100 पर पहुंची दुर्घटनाओं की सूचनाओं के आंकड़े देखें तो शाम छह बजे के आसपास दर्ज कुल दुर्घटनाएं मात्र ५२२ हैं, लेकिन अगले ही घंटे शाम सात बजे ही इनकी संख्या सीधे सात सौ पार कर जाती है। रात 10 बजे जिस समय ट्रैफिक पुलिस के जवान ड्यूटी से हटने लगते हैं, तब २४ घंटों में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं। दुर्घटनाओं का आंकड़ा 817 को छू जाता है। रात दो से पांच बजे के बीच स्वभाविक तौर पर दुर्घटनाएं कम होती हैं, लेकिन सुबह ऑफिस जाने के समय ट्रैफिक दबाव बेहद ज्यादा होने के बावजूद बड़ी दुर्घटनाएं नहीं होतीं और सात से 10 के बीच आंकड़ा 250 से 350 के पास पहुंच जाता है। डायल 100 ने दुर्घटनाओं के इस चार्ट को ट्रैफिक मैनेजमेंट पर काम करने वाले अधिकारियों को भी सौंपा है।
*डायल 100 नागरिकों को सहायता पहुंचाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था, इंटेलीजेंस इनपुट और डाटा उपलब्ध कराने का काम भी कर रही है। एक्सीडेंट डाटा चार्ट भी एेसी व्यवस्था है जिससे सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।'
- अमित सक्सेना, एसपी, डायल 100
Published on:
05 Oct 2017 09:14 am

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