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भोपाल सेंट्रल जेल में बंद सिमी के आतंकियों ने शुरू की भूख हड़ताल

अपनी मांगों को लेकर जेल से मिलने वाले भोजन को खाना किया बंद

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भोपाल

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Sunil Mishra

Jan 15, 2024

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भोपाल सेंट्रल जेल की हाई सिक्योरिटी सेल में बंद स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया ( सिमी ) के चार आतंकियों ने एक बार फिर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। जेल सूत्रों की मानें तो इन आतंकियों ने जेल से मिलने वाले भोजन को खाना बंद करके अपनी मांगें पूरा नहीं होने तक हड़ताल कर दी है। इन आतंकियों की मांग है कि उन्हें सेल की बजाय खुले परिसर में रखा जाए और जेल परिसर में घूमने-फिरने की आजादी दी जाए। साथ ही अखबार पढ़ने को दिए जाएं, टोपी लगाने की छूट रहे और आजादी से सबके साथ मिलकर नमाज पढ़ने दी जाए। गौरतलब है कि इसके पहले भी इन आतंकियों ने हड़ताल की थी, सवा तीन साल में तीन बार भूख हड़ताल कर चुके हैं। वे हर बार अपनी मांगों के समर्थन में जेल के अंदर भूख हड़ताल शुरू कर देते हैं।
जेल प्रशासन पर दबाव डालने उन्होंने जेल परिसर में मिलने वाला खाना बंद कर दिया है। जेल के डॉक्टर उनकी निगरानी कर रहे हैं। आतंकी ड्रिप लगाने और दवा देने पर डॉक्टर्स के साथ बदसलूकी कर रहे हैं। जेल प्रशासन की ओर से जेल मुख्यालय को पत्र लिखकर हड़ताल की जानकारी दे दी गई है। जेल के अधिकारी लगातार उनसे हड़ताल खत्म करने को लेकर बात कर रहे हैं।

कुछ मांगों को मान चुका है जेल प्रबंधन

बताया जा रहा है कि भूख हड़ताल कर रहे आतंकियों में शिवली और कमरुद्दीन को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। वहीं, अबु फैजल और कामरान को आजीवन कारावास की सजा हुई है। पिछले साल जून में सामूहिक हड़ताल पर जाने के बाद जेल प्रबंधन ने उनकी घड़ी, खेलने के क्यूब और डायरी पेन की मांग को स्वीकार कर लिया था। एक बार फिर अनशन करने के बाद अब जेल प्रशासन उनकी इन सुविधाओं को खत्म करने पर विचार कर रहा है। चारों आतंकी उच्च सुरक्षा घेरे में सेंट्रल जेल में बंद हैं। बताया जा रहा है कि कमरुद्दीन और शिवली 26 जुलाई, 2008 को गुजरात में सिलसिलेवार बम धमाके के दोषी हैं। धमाके में 56 लोगों की मौत हुई थी।

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भोपाल सेंट्रल जेल में दो-तीन दिनों से सिमी आतंकी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। कुछ दिनों से आतंकियों द्वारा यह हरकतें की जा रही हैं। यह उनकी सोची समझी प्लानिंग है।

- राजेश भांगरे, जेल अधीक्षक भोपाल