जूनियर सेल्समेनों भर्ती प्रक्रिया को मंत्री ने दी हरी झंड़ी, अगले हफ्ते तक होंगे परिणाम जारी

- भाजपा कार्यकाल में बुलाए गए थे 3629 जूनियर सेल्समेनों के ऑन लाइन आवेदन

By: Ashok gautam

Published: 14 Mar 2020, 09:08 PM IST

भोपाल। सहकारिता विभाग में जूनियर सेल्समेनों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। सहकारिता मंत्री डॉ.़ गोविंद सिंह ने शनिवार को भर्ती प्रक्रिया को सही ठहराते हुए परिणाम घोषित कर इनकी भर्ती प्रक्रिया जारी करने के आदेश दिए हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में सहकारिता विभाग में कनिष्ठ विक्रेता के 3629 पदों पर भर्ती के लिए ऑन लाइन आवेदन बुलाए थे। इसके बाद से भर्ती प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के आवेदनों में गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतों की जांच को लेकर एक साल से भर्ती परिणाम रुका था।
भाजपा सरकार ने 3629 जूनियर सेल्समेनों के रिक्त पदों के लिए वर्ष 2018 में एमपी ऑन लाइन के माध्यम से आवेदन बुलाए थे। इन पदों के लिए प्रदेशभर से करीब एक लाख से युवाओं ने आवेदन किया। यह आवेदन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बुलाए गए थे। आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी और मेरिट लिस्ट तैयार करने में के बीच में सरकार बदल गई।

सहकारिता विभाग इन सेल्समेनों की भर्ती के आदेश जारी कर उनकी नियुक्ति सहकारी समितियों में करता, इसके पहले ही कांग्रेस सरकार ने परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी। इसकी वजह थी कि सरकार को कई शिकायतें मिली थी जिसमें यह कहा गया था कि अभ्यर्थियों ने गलत दस्तावेज लगाकर आवेदन किया है। इसकी जांच और सत्यापन में ही विभाग को काफी समय लग गए। इसके बाद विभाग सेल्समेनों की नियुक्ति साक्षात्कार के आधार पर कराना चाहता था, लेकिन जीएडी के नियमों के अनुसार तृतीय वर्ग के कर्मचारियों तक साक्षात्कार लेने का कोई प्रावधान नहीं था। इस पर भी निर्णय लेने में सरकार ने काफी समय लगा दिए।

बैंकों में होगी कर्मचारियों की भर्ती
सहकारी बैंकों में मैनेजर, क्लर्क तथा कंप्यूटर आपरेटरों की भी भर्ती की जाएगी। बैंक कर्मचारियों की भर्ती के लिए सभी बैंकों में खाली पदों की जानकारी तैयार कराई जा रही है। बैंकों में स्वीकृति पदों और उनके कारोबार के हिसाब से कुछ नए पद भी स्वीकृति कर उनमें कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।

मर्ज होंगे भूमि विकास बैंक के कर्मचारी
भूमि विभाग बैंक के कर्मचारियों को भी सहकारी बैंकों में मर्ज किया जाएगा। प्रदेश में करीब साढ़े चार सौ कर्मचारी अधिकारी भूमि विकास बैंक में पदस्थ हैं। इनसे मर्जी होने के संबंध में सहमति पत्र मांगा गया है। इसके अलावा जो कर्मचारी बैंक के परिसमापन सहित अन्य मामलों को लेकर कोर्ट चले गए हैं उनके केस वापस लेने के लिए कहा गया है। अगर वे कोर्ट केस वापस ले लेते हैं तो उनका विभिन्न बैंकों में संविलियन एक माह के अंदर किया जाएगा।

Ashok gautam
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