कैंसर पीडि़त मां से लाल जोड़े में मिली बेटी

मार्मिक दास्तां: बेटी की शादी हुई तब अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी मां

By: Pushpam Kumar

Published: 08 Dec 2019, 08:01 AM IST

भोपाल. एमपी नगर स्थित प्राइवेट अस्पताल में शनिवार दोपहर 12 बजे माहौल अलग सा था। मरीजों और स्टाफ को इंतजार था, एक दुल्हन का जो मां की अंतिम इच्छा पूरी करने आ रही थी। 12.30 बजे जैसे ही दुल्हन ने कदम रखा, माहौल खुशनुमा हो गया। हालांकि आईसीयू में भर्ती मां की आंखों से आंसू बहने लगे। उन्होंने बेटी निकिता को गले लगाया और माथा चूमते हुए बोली- अब आराम से मर सकती हूं। दरअसल, कैंची छोला में रहने वाली विमला लाहरिया (55) लंग्स कैंसर की थर्ड स्टेज पर हैं। विमला ने डॉक्टरों को बताया था कि उनकी इच्छा है कि मरने से पहले बेटी निकिता को लाल जोड़े में देखें। पांच दिसंबर को बेटी की शादी में शामिल ना हो पाने से विमला दु:खी थीं। अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए डॉक्टरों ने पूरा साथ दिया। मां-बेटी का मिलन देख भर्ती मरीज और नर्स भी आंसुओं पर काबू नहीं रख पाए। बिस्तर पर लेटी मां ने बेटी और दामाद को गले लगाकर आशीर्वाद दिया। इस दरमियान मां कैंसर की पीड़ा भूल गईं।
सरकार से गुहार
विमला और परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि अस्पताल प्रशासन उनका नि:शुल्क इलाज कर रहा है, लेकिन दवाएं अत्यधिक महंगी हैं। ऐसे में निकिता ने मां के इलाज के लिए सरकार से मदद की गुहार भी लगाई है।
मरीज ने इच्छा जाहिर की थी, जिसे पूरा किया गया। मरीज की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इलाज से लेकर वेटिंलेटर तक का शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
डॉ. अनिल जैन, डायरेक्टर, लेकसिटी अस्पताल

Pushpam Kumar Desk
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