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बूढ़े पेड़ों की छांव में रहोगे तो होगी निरोगी काया, उम्र भी होगी लंबी

locationभोपालPublished: Jan 16, 2024 12:21:03 am

Submitted by:

Mahendra Pratap

पुराने पेड़ों की झांव जीवन प्रत्याशा में वृद्धि करती है। सेहत सुधारने के साथ खुशहाल जीवन को भी प्रेरित करती है। इस बात की पुष्टि भेल क्षेत्र के 110 साल से अधिक पुराने पेड़ करते हैं। यहां की घनी हरियाली की वजह से शहर के अन्य इलाकों की तुलना में तापमान एक से दो डिग्री कम रहता है।

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भोपाल. पुराने पेड़ों की झांव जीवन प्रत्याशा में वृद्धि करती है। सेहत सुधारने के साथ खुशहाल जीवन को भी प्रेरित करती है। इस बात की पुष्टि भेल क्षेत्र के 110 साल से अधिक पुराने पेड़ करते हैं। यहां की घनी हरियाली की वजह से शहर के अन्य इलाकों की तुलना में तापमान एक से दो डिग्री कम रहता है। प्रदूषण रहित वातावरण में मॉर्निंग वॉक सेहत के लिए संजीवनी का काम करता है। यही वजह है कि गोविंदपुरा में 80 साल से ऊपर के सेहतमंद बुजुर्गो की संख्या 5687 है। इनमें पुरुष 3365 और महिलाएं 2322 हैं। जबकि प्रदूषण के लिए बदनाम भोपाल के पुराने शहर में 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों की संख्या महज 2553 है। इसमें पुरुष 1207 और महिलाएं 1346 शामिल हैं।
घने जंगल घटे तो जीवन पर असर
नजीराबाद, समरधा और केरवा के इलाके कभी सबसे घने जंगलों में गिने जाते थे। आज भी यहां कई जगह ऐसी हैं जहां दिन में भी धूप नहीं पहुंचती है। लेकिन इन क्षेत्रों में भी विकास के नाम पर पेड़ कट रहे हैं। इसका असर लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। शहरी क्षेत्रों के उन रहवास एरिया में जहां सबसे ज्यादा हरियाली है वहां के लोगों का जीवन लंबा है। झीलों का शहर कभी हरियाली की वजह से ही सबसे शांत और खुशहाल शहर कहा जाता था।
हुजूर में हरियाली का असर, ज्यादा बुजुर्ग
शहर हुजूर इलाके में भी कभी खूब हरियाली थी। इसलिए यहां अस्सी साल के बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। यहां भी 4383 मतदाता ऐसे हैं जो 80 साल से ऊपर के हैं।
टीटी नगर में कटे पेड़ तो सेहत पर *****
दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कभी खूब पार्क थे। इनमें हरियाली थी। लेकिन पार्क में अब पेड़ और हरियाली गायब है। स्मार्ट सिटी के चलते हरियाली उजड़ गयी। लिहाजा यहां के लोगों की सेहत में भी फर्क पड़ रहा है।
किस विधानसभा में कितने ८० पार के बुजुर्ग

विधानसभा-पुरुष-महिला-कुल
बैरसिया-1553-2454-4007
भोपाल उत्तर-1207-1346-2553
नरेला-1740-1733-3473
दक्षिण-पश्चिम-1487-1488-2975
भोपाल मध्य-2000-2011-4011
गोविंदपुरा-3365 -2322-5687
हुजूर-2045-2338-4383
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बेहतर जीवनशैली, अच्छा भोजन और साफ हवा-पानी ही व्यक्ति की सेहत के लिए जरूरी है। इसका सीधा असर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। हर व्यक्ति को प्रयास करना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करे। यह पर्यावरण के लिए जरूरी है। अच्छा पर्यावरण लंबी आयु के लिए जरूरी है।
डॉ. राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल
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हरा रंग रखता है मन को शांत

हरा रंग मन को शांत रखता है। इसलिए वन के बीच रहने वाला व्यक्ति तनाव मुक्त रहता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में आज तनाव ही अधिकांश बीमारियों का कारण है। यह भी तथ्य है कि वृक्षों का आलिंगन करने से भी शरीर स्वस्थ्य और तनाव मुक्त रहता है। स्वस्थ शरीर होगा तो आयु अधिक होगी। यही वजह है कि जिन क्षेत्रों में आज भी हरियाली बची है, उन क्षेत्रों में 80 साल से ऊपर की उम्र के बुजुर्ग स्वस्थ जिंदगी जी रहे हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो हरे भरे वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा भरपूर होती है और पर्यावरण भी शुद्ध रहता है। लंबे और निरोगी जीवन का यही मूलमंत्र है।

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