scriptyou can get solutions to your mental problems on the phone | फोन पर ऐसे पा सकते हैं अपनी जटिल से जटिल मानसिक समस्याओं का समाधान | Patrika News

फोन पर ऐसे पा सकते हैं अपनी जटिल से जटिल मानसिक समस्याओं का समाधान

locationभोपालPublished: Dec 19, 2023 09:23:14 pm

मिलता है निशुल्क परामर्श, जरूरत पड़ने पर मानसिक रोग विशेषज्ञ भी देते हैं सलाह, अस्पताल में भी इलाज की सुविधा, टेली मानस सेवा से 38 हजार लोग अब तक ले चुके हैं सलाह, सबसे ज्यादा डिप्रेशन के मरीज ले रहे सलाह

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एक बहुत चिंतित मां ने टेली मानस सेवा पर फोन किया। वह अपने बेटे की हालत को लेकर बहुत तनाव में थी। 5 साल के बेटे को ढाई साल से मिर्गी की बीमारी थी। उसने कहा कि उनका बेटा बहुत अधिक सक्रिय हो गया है। वह किसी की बात नहीं सुनता है, सूरज को एकटक देखता रहता है। फिर अचानक गतिहीन हो जाता है। फोन पर मौजूद काउंसलर ने परामर्श दिया और उसे आश्वासन दिया कि यह एक इलाज योग्य स्थिति है। वे ग्वालियर निवासी थे। ऐसे में उन्हें ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में चेकअप के लिए भेजा गया। अब महिला और उसका बेटा दोनों स्वस्थ हैं। एक साल में ऐसे 38 हजार से ज्यादा लोगों की मदद की गई है। यह आंकड़ा प्रदेश के मेंटल टेली मानस सेंटर एम्स भोपाल द्वारा साझा किया गया है।
ऐसे लें इस सेवा की मदद

केंद्र सरकार ने 24 घंटे फ्री टेली मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 जारी किया गया है। इस पर मेंटल हेल्थ के डॉक्टरों को अपनी परेशानी बता कर समाधान लिया जा सकता है। इसके अलावा एक नंबर 1800914416 है। इन पर कॉल करने पर निशुल्क रूप से डॉक्टर की सलाह दी जाती है। मध्यप्रदेश में इसके तीन सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें इंदौर और ग्वालियर दो सब सेंटर हैं। यहां सबसे पहले कॉल ट्रांसफर होती है। इसके बाद यदि मरीज की स्थिति गंभीर है तो डॉक्टर की सलाह के लिए प्रदेश के मेंटर सेंटर एम्स भोपाल को कॉल ट्रांसफर की जाती है।
सबसे अधिक डिप्रेशन के शिकार

अक्टूबर साल 2022 से अब तक 38 हजार कॉल आई हैं। जिसमें सबसे अधिक 6 हजार 347 मरीज डिप्रेशन की समस्या से पीड़ित थे। जिन्हें उचित काउंसलिंग के जरिए पहले शांत किया गया। डिप्रेशन के बाद दूसरे नंबर पर तनाव के शरीर पर होने वाले असर की जानकारी के लिए लोगों ने फोन किया।
एक मामला ऐसा भी

एक दिन टेली मानस इंदौर पर कॉल आई, जिसमें एक 30 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि वह पिछले 7 वर्षों से मानसिक तनाव से पीड़ित है। उसने बताया कि हमेशा ख्याल आता है कि उसके हाथ और शरीर गंदे हैं। बार-बार धोने और साफ करने की जरूरत है। नींद तक नहीं आती है। पारिवारिक झगड़े बढ़ रहे हैं। कभी कभी सब छोड़ कर मुक्ति पाने की इच्छा होती है। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसकी कॉल मनोचिकित्सक से जोड़ी गई। परामर्श देने वाले डॉक्टरों ने बताया कि ऐसे मरीज को सही सलाह न मिले तो वे खुदकुशी का प्रयास भी कर सकते हैं।
किस समस्या के ज्यादा कॉल

डिप्रेशन - 6347

तनाव के शरीर पर असर - 4880

नॉन मेंटल हेल्थ - 4140

मेंटल इमरजेंसी - 1662

आंकड़े
पुरुष - 64.4 फीसदी

महिला - 35.5 फीसदी
अन्य - 0.6 फीसदी

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