8 वर्षीय बच्चे से कुकर्म, पंचायत ने सुनाया 4 थप्पड़ और एक लाख के जुर्माने का फरमान

Highlights

- बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव का मामला

- किशोर ने आठ वर्षीय बच्चे से किया कुकर्म

- पंचायत ने फरमान सुनाकर मामले को किया रफा-दफा

By: lokesh verma

Published: 17 Feb 2021, 01:14 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बिजनौर. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कानून से खिलवाड़ करते हुए कुकर्म के एक मामले में पंचायत कर तुगलकी फरमान सुनाने का मामला सामने आया है। ताजा मामला बिजनौर जिले का है। जहां आठ वर्षीय बच्चे से कुकर्म किया गया है। परिजनों ने बच्चे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इस मामले को लेकर एक पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में पंचों ने आरोपी को चार थप्पड़ मारने के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना देने का फरमान सुनाकर मामले को निपटा दिया। वहीं, स्थानीय पुलिस ने मामले में अनभिज्ञता जताई है।

यह भी पढ़ें- यूपी में सांड़ का पता बताने वाले को 51 हजार का ईनाम

दरअसल, मामला बिजनौर जिले के नहटौर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। नहटौर-नूरपुर मार्ग स्थित गांव में एक आठ वर्षीय बच्चे से एक किशोर ने कुकर्म किया। जब बच्चे ने शोर मचाया तो आरोपी बच्चे को छोड़कर भाग खड़ा हुआ। मौके पर पहुंचे लोगों ने परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनों ने बच्चे को नूरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि बच्चे का पिता बाहर नौकरी करता है।

बताया जा रहा है कि मामला एक बिरादरी से जुड़ा हाेने के कारण कुछ लोगों ने दोनों पक्षों में बीच-बचाव कराया। इसके बाद कुुछ लोगों ने गांव में ही एक पंचायत का आयोजन किया, जिसमें दोनों पक्षों को भी बुलाया गया। पंचायत के दौरान पंचों ने आरोपी को 4 थप्पड़ मारने की सजा के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना देने का फरमान सुनाकर मामले को रफा-दफा कर दिया। जहां पहले बच्चे का पिता कार्रवाई की मांग कर रहा था। वहीं पंचायत में पहुंचने के बाद उसने कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया। वहीं, पुलिस ने भी मामले की जानकारी होने से इनकार किया है।

यह भी पढ़ें- एनकाउंटर के बाद इलाज को लाया गया बदमाश अस्पताल में ऐसी जगह छिपा, 6 घंटे तक ढूंढती रही पुलिस

Show More
lokesh verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned