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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में चांदपुर क्षेत्र के गांव सकतलपुर मिलक में गुरुग्राम की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर जेंडर टेस्ट करने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटर का भंडाफोड़ किया। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। चांदपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गांव सकतलपुर मिलक में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहा था। आरोप है कि यहां लोगों से धन वसूलकर यहां पर भ्रूण परीक्षण भी कराया जा रहा था। विशेषकर दिल्ली व हरियाणा के गुरुग्राम से गर्भवती महिलाओं को एक व्यक्ति के माध्यम से यहां लगाया जाता था।
सिविल सर्जन गुरुग्राम हरियाणा को गुप्त सूचना मिली थी कि बिजनौर में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित है। सेंटर पर भ्रूण परीक्षण भी कराया जा रहा है। इस पर गुरुग्राम की स्वास्थ्य विभाग टीम ने आरोपित को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में बुधवार को टीम बिजनौर आई और अपने साथ एक गर्भवती महिला को भी लाई। उन्होंने पहले उसे अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जेंडर टेस्ट परीक्षण के लिए भेजा, जहां पर परीक्षण के लिए 20 हजार रुपये मांगे गए। महिला ने यह राशि संचालक को दे दी। संचालक भ्रूण का जेंडर टेस्ट परीक्षण कर रहा था तो टीम ने मौके पर ही उसका भंडाफोड़ कर दिया।
टीम ने मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन, प्रिंटर, लैपटॉप आदि भी बरामद किया है। साथ ही 20 हजार की धनराशि भी उनसे बरामद की। नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार की ओर से गांव जिला अमरोहा के गजरौला थाने के मोहर का पट्टी निवासी डॉ. हसीन सैफी, गजरौला निवासी चंद्रपाल, सकतलपुर मिलक निवासी डॉ. रेखा सैनी, मंडी धनौरा के गांव शेरपुर निवासी डॉ. ज्योति गोला, बुलंदशहर के गांव बीबीनगर निवासी नरेंद्र सिरोही व हापुड़ जिले के सिंभावली निवासी डॉ. पवन सिरोही के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
बताया गया है कि सभी आरोपी गिरोह बनाकर जेंडर टेस्ट परीक्षण का कार्य करते थे। पुलिस स्टेशन ऑफिसर मनोज कुमार ने बताया कि मामले में आईपीसी की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
Published on:
21 Jan 2022, 12:49 PM IST
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