
बच्चा पढ़ने-लिखने में कमजोर है, रंगों की पहचान नहीं कर रहा, असामान्य व्यवहार करे तो इन लक्षणों से आप लर्निंग डिसएबिलिटी की पहचान कर सकते हैं। जानते हैं इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में।
अगर आपका बच्चा आई कॉन्टेक्ट नहीं बनाता, अपने नाम की पहचान नहीं कर पाता, अजीब शब्द बोलता है, आपके बार-बार बोलने पर ध्यान नहीं देता और हाइपरएक्टिव है, तो हो सकता है कि उसे ऑटिज्म हो। बच्चा पढ़ने-लिखने में कमजोर है, रंगों की पहचान नहीं कर रहा, असामान्य व्यवहार करे तो इन लक्षणों से आप लर्निंग डिसएबिलिटी की पहचान कर सकते हैं। जानते हैं इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में।
ऑटिज्म में बच्चा हाइपरएक्टिव क्यों होता है ?
सामान्य बच्चे की अपेक्षा ऑटिज्म ग्रसित बच्चे में ऊर्जा का ज्यादा संचार होता है और वेस्टिब्यूलर व ऑडिटरी सेंसरी डिसफंक्शन के कारण उसका व्यवहार हाइपरएक्टिव होता है। दिमाग में सेंसेशन की सही तरीके से प्रोसेसिंग न होने से वह अजीब हरकतें करने लगता है।
क्या लर्निंग डिसएबिलिटी वाले बच्चे कभी पढ़-लिख नहीं पाते ?
ऐसा नहीं है, वे स्लो लर्नर्स होते हैं लेकिन उनकी परेशानी को पहचान कर यदि सही ऑक्यूपेशनल थैरेपी प्रोग्राम फॉलो किया जाए तो वे अच्छा प्रदर्शन दिखाते हैं।
ऑक्यूपेशनल थैरेपी से कैसे फायदा होता है ?
इससे बच्चे का सेंसरी प्रोफाइल जांच करने के बाद सेंसरी डाइट तैयार की जाती है। इसके आधार पर उसे थेरोप्टिक एक्टिविटीज करवाई जाती है जिससे बच्चे के सेंसरी टिश्यूज ठीक होने लगते हैं व सुधार होता है।
Published on:
19 Feb 2019 09:31 am
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