script डेथ स्पॉट बना यह रास्ता... अब तक इतनों ने गंवाई जान, हादसे को रोकने प्रशासन ने उठाया ऐसा कदम | Road has become a death spot, many people have lost their lives | Patrika News

डेथ स्पॉट बना यह रास्ता... अब तक इतनों ने गंवाई जान, हादसे को रोकने प्रशासन ने उठाया ऐसा कदम

locationबिलासपुरPublished: Dec 01, 2023 10:19:54 am

Accidents: जिले में ओवर स्पीड की वजह से दुर्घटना का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है।

डेथ स्पॉट बना यह रास्ता... अब तक इतनों ने गंवाई जान, हादसे को रोकने प्रशासन ने उठाया ऐसा कदम
डेथ स्पॉट बना यह रास्ता... अब तक इतनों ने गंवाई जान, हादसे को रोकने प्रशासन ने उठाया ऐसा कदम
बिलासपुर। Accidents: जिले में ओवर स्पीड की वजह से दुर्घटना का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर नेशनल हाइवे व ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दुर्घटना के मामले में आधा दर्जन से अधिक मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लिहजा दुर्घटना पर लगाम लगाने के लिए यातायात पुलिस ब्लैक स्पाट के साथ, दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में जाकर स्कूल व राहगीरों को जागरूक कर एक्सीडेंट रोकने का प्रयास कर रही है। दूसरी तरफ यातायात के नियमों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग भी लगातार उठती जा रही है।
यह भी पढ़ें

यात्रियों को बड़ी राहत...इस दिन से हिमगीर स्टेशन में दो ट्रेनों का होगा ठहराव, रेलवे प्रशासन ने जारी किया आदेश

अधिकारियों की मानें तो इस पर पहल हो चुकी है, जल्द ही यह लागू भी हो जाएगा। सडक़ दुर्घटना ग्राफ जिले में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आमल यह है कि आए दिन लोगों को सडक़ दुर्घटना में अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है।

दुर्घटना के बाद कारणों की जांच करने गठित टीम ने मौके पर जांच की तो पाया कि अधिकांश दुर्घटना का कारण ओवर स्पीड व ड्रंक एंड डाइव है। दुर्घटना के ग्राफ को कम करने के लिए यातायात पुलिस लगातार अपने स्तर पर प्रयास करने के दावा भी कर रही है। दुर्घटना जन्य क्षेत्र में बोर्ड के साथ ही रंबर स्ट्रीप, लाइटिंग व्यवस्था के अलावा सडक़ में इंजीनियरिंग खामी को सुधारने लगातार काम कर रही है। बावजूद इसके दुर्घटना की वारदात लगातार सामने आ रही है।
यातायात पुलिस ने दुर्घटना रोकने के लिए अब ब्लैक स्पाट के साथ ही उन जगहों पर जाकर लोगो को जागरूक कर ओवर स्पीड में वाहन न चलाने के साथ ही दुर्घटना के बाद परिवार के साथ क्या क्या घटित हो सकता है इसकी विस्तार से जानकरी दे रही है। यातायात जिला सेफ्टी सेल अब एक दर्जन से अधिक दुर्घटना जन्य क्षेत्र में स्थित क्लास व जन जगरूकता अभियान के माध्यम से जागरूक करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों की माने तो यातायात के नियमों का पालन कराने व लोगो को वाहन तय मानक के आधार पर चलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें

बोरे में भरी पत्नी की लाश.... झगड़ों से तंग आकर पति ने किया मर्डर, पहुंचा सलाखों के पीछे



अच्छी सडक़ में ओवर स्पीड, खराब सडक़ में लापरवाही बड़ी वजह
शहरो की दूरी कम करने के साथ ही लोगो को बेहतर सडक़ मुहैया कराने के लिए केन्द्र व राज्य शासन सडक़ो का चौड़ीकरण के साथ ही गुणवक्ता युक्त सडक़ बना रही है। नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे की चौड़ी व अच्छी सडक़ पर वाहन सवार अत्यधिक तेज वाहन चला कर अपनी व दूसरो की जान को जोखिम में डाल रहे है। जहां की सडक़ चौड़ी व बेहतर नहीं है वहां पर लोग लापरवाही पूर्वक वाहन चला कर दुर्घटना का शिकार हो रहे है।
हर साल 3 से 350 लोगों की जिले में सडक़ दुर्घटना में होती है मौत
यातायात पुलिस थानों में वाहन दुर्घटना की वजह से होने वाली मौत की समीक्षा करने के लिए माह वार डाटा कलेक्ट करती है। जिले में औसतन 3 सौ से 350 मौतों का आंकड़ा हर साल दर्ज होता है।
यह भी पढ़ें

हैवानियत की हदें पार...लोहे के रॉड से सहकर्मी की कर दी हत्या, फिर नाले में फेंकी लाश, मचा हड़कंप

एमवी एक्ट में कई प्रावधान सही नहीं

मोटर व्हीकल एक्ट में कई प्रावधान ऐसे हैं जो बोल चाल व व्यावहारिकता के मापदंड में सही नहीं ठहरते। मोटर व्हीकल एक्ट अंग्रेजों के कार्यकाल में बना कानून है। जब कानून बना उस दौरान अंग्रेज अफसरों व उनके करीबियों के पास ही गाड़ी होती थी। अपने बचाव के लिए 304 ए को ऐसा बनाया गया जिससे वह आसानी से बच सकें। कानून में संशोधन की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम में यातायात की जानकारी संलग्न होने पर सभी वर्ग को इसका लाभ मिलेगा।
चंद्र शेखर बाजपेयी, अधिवक्ता, जिला सत्र न्यायालय, बिलासपुर

पाठ्यक्रम में लागू हो ट्रैफिक रूल

यातायात पुलिस अपने स्तर पर लगातार अभियान चलाकर दुर्घटना रोकने का प्रयास करती है। स्कूल व कॉलेज में पुलिस के जवान जाकर समय समय पर यातायात के नियमों की जानकारी देकर जागरुकता लाने की कोशिश करते हैं। यातायात के नियमों व दुर्घटना के कारणों को अगर पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए तो इसका लाभ होगा व लोग वाहन चलाते समय यह ध्यान रखेंगे कि उन्हें वाहन चलाने के दौरान क्या करना है और क्या नहीं करना है।
रोहित बघेल, रिटायर्ड एएसपी यातायात, बिलासपुर

यह भी पढ़ें

अधिक शोरगुल से बीमार, बुजुर्ग, छात्रों सहित आम लोगों अब राहत, जारी हुआ यह आदेश...



लोगों का जागरूक होना जरुरी

यातायात पुलिस व यातायात समिति के सदस्य स्कूल कॉलेज व विभिन्न जगहों पर नुक्कड़ नाटक व अन्य माध्यम से जागरूक करने अभियान चला रहे हैं। वाहन चलाने वालों को भी यह ध्यान रख कर वाहन चलाना चाहिए कि उनकी लापरवाही का खामियाजा उनको व उनके परिवार के साथ ही दूसरों को भी भुगतना पड़ सकता है। यातायात संबंधी जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल होती है तो इससे ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक होंगे व आने वाले दिनों में सुधार की संभावना भी ज्यादा होगी।
जिला सेफ्टी सेल यातायात के नियमों की जानकारी देने लगातार अभियान चला रहा है। स्कूल, कॉलेज के साथ ही ब्लैक स्पाट व अन्य दुर्घटना जन्य क्षेत्र में समय समय पर जागरुकता अभियान चला कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। जागरुकता अभियान का विस्तार अधिकारियों के निर्देश पर लगातार किया जा रहा है।
उमा शंकर पांडेय, जिला सेफ्टी सेल अधिकारी।

ट्रेंडिंग वीडियो