
Berries are beneficial in stones, stomach disease, mouth ulcers
जामुन किसी औषधि से कम नहीं है। इसके फल, छाल, पत्ते और गुठली भी अपने औषधीय गुणों के कारण विशेष महत्व रखते हैं। यह शीतल, एंटीबायोटिक, रुचिकर, पाचक, पित्त-कफ और रक्त विकारनाशक भी है। इसका सेवन बेहद लाभदायक है।
जामुन का पका हुआ फल पथरी के रोगियों के लिए रोग निवारक दवा है। पथरी बन भी गई तो इसकी गुठली के चूर्ण का प्रयोग दही के साथ करने से लाभ मिलता है।
जामुन का लगातार सेवन करने से लीवर में काफी सुधार होता है। कब्ज और उदर रोग में जामुन का सिरका उपयोग करें
मुंह में छाले होने पर जामुन का रस लगाएं। उल्टी होने पर जामुन का रस सेवन करें।
भूख नहीं लगने पर जामुन का सेवन लाभदाक होता है। यह पाचक भी है।
मुंहासे होने पर जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें। इस पावडर में थोड़ा सा गाय का दूध मिलाकर मुंहासों पर रात को लगा लें, सुबह ठंडे पानी से मुंह धोएं लाभ मिलेगा।
मधुमेह के रोगियों के लिए भी जामुन अत्यधिक गुणकारी फल है। जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें। इस पाउडर को खाने से मधुमेह में लाभ होता है।
Published on:
17 Jan 2020 07:37 pm

