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COVID-19: 82 साल के लॉनबरी ने जीती कोरोना की जंग, फ्यूनरल की याेजना बना रहा था परिवार

COVID-19: हौसला बुलंद हो तो किसी भी परेशानी का मुकाबला किया जा सकता है। ऐसा ही एक उदाहरण कोरोनावायरस की चपेट में आए 82 साल के सिड लॉनबरी ने पेश किया है। वो भी तब जब उनका दुखी परिवार उनके अंतिम संस्कार की योजना बना रहा था...

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COVID-19: 82 years Man makes 'miracle recovery' From Coronavirus

COVID-19: 82 साल के लॉनबरी ने जीती कोरोना की जंग, फ्यूनरल की याेजना बना रहा था परिवार

COVID-19: हौसला बुलंद हो तो किसी भी परेशानी का मुकाबला किया जा सकता है। ऐसा ही एक उदाहरण कोरोनावायरस की चपेट में आए 82 साल के सिड लॉनबरी ने पेश किया है। वो भी तब जब उनका दुखी परिवार उनके अंतिम संस्कार की योजना बना रहा था।

डेमेंशिया से पीड़ित सिड लॉनबरी तेज बुखार और निमोनिया के संदेह पर अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उनके कोविड-19 से संक्रमित हाेने की पुष्टि की। इसके बाद उनके दुखी परिवार ने उनके फ्यूनरल की याेजना बनाना शुरू कर दी।

लेकिन, अविश्वसनीय रूप से, सेवानिवृत्त इलेक्ट्रीशियन लॉनबरी एंटीबायोटिक दवाओं का एक शक्तिशाली कोर्स लेने के बाद बिल्कुल ठीक हाे गए। अस्पताल ले जाने के चार दिन बाद, सिड को छुट्टी दे दी गई थी और अब वह स्टैडफोर्डशायर के चेडल स्थित अपने केयर होम में वापस आ चुके हैं।

न्यूकैसल-अप-टाइन में रहने वाले उनके 51 वर्षीय बेटे डेविड ने कहा कि यह एक पूर्ण चमत्कार है और हम विश्वास नहीं कर सकते कि उन्हाेंने काेविड-19 को हरा दिया। परिवार पिताजी के अंतिम संस्कार की योजना बना रहा था, कि दूसरे दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

स्टोक सिटी फुटबॉल प्रशंसक सिड को वैस्कुलर डिमेंशिया है, जिसके कारण वे 14 महीने पहले चर्च टेरेस नर्सिंग होम में चले गए थे। वहीं के स्टाफ ने 21 मार्च को उन्हें रॉयल स्टोक यूनिवर्सिटी अस्पताल भर्ती कराया। जहां उन्हें विशेष आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। जहां मेडिकल स्टाफ के अलावा उनसे काेई नहीं मिल सकता था। परिवार वाले भी नहीं।

संक्रमण रोकने के लिए कि अस्पताल की इस सख्ती के कारण सिड के बेटे डेविड और 75 वर्षीय पत्नी जीन बहुत मायूस हुए। उन्हें लगा कि वे सिड को अलविदा कहने के लिए भी नहीं देख सकते।

डेविड ने कहा कि जब हमें रॉयल स्टोक अस्पताल से डैडी के कोरोना संक्रमित होने का कॉल मिला तो, यह एक बड़े झटके जैसा था और हमने तुरंत सोचा की वे जीवित रहेंगे के नहीं। हम शोक में थे और उनके अंतिम संस्कार की योजना बना रहे थे।

लेकिन,आश्चर्यजनक रूप से कुछ दिन बाद ही डॉक्टरों ने बताया कि डैडी अब स्वस्थ हैं और उन्हें घर ले जाया जा सकता है। हम यह सुनकर बहुत हैरान थे कि उन्हें छुट्टी दी जा रही थी। और उन्हें कोई सांस की समस्या नहीं थी। यह अविश्वसनीय था जैसे कोई चमत्कार हुआ हो।

लीक में रहने वाली सिड की पत्नी जीन ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि वह अभी भी यहां है। मैं उन्हें देखने के लिए और इंतजार नहीं कर सकती। वह अभी भी संगरोध में है लेकिन हम उसे जल्द ही देखने की उम्मीद कर रहे हैं।

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