31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Health Tips: एंटीऑक्सीडेंट की कमी को दूर करने के लिए इन चीजों को भोजन में जरूर करें शामिल

Health Tips: एंटीऑक्सीडेंट एक ऐसा तत्व होता है जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और उनके नकारात्मक प्रभाव को कम करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत बनाता है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Deovrat Singh

•

Updated: 5 Aug 2021, 11:59 PM IST

health news

Health Tips: एंटीऑक्सीडेंट एक ऐसा तत्व होता है जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और उनके नकारात्मक प्रभाव को कम करता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत बनाता है। यह विटामिन-सी,ए व ई, सेलेनियम और बीटा कैरोटीन जैसे तत्वों के रूप में शरीर में मौजूद रहता है। एंटीऑक्सीडेंट कैंसर, हृदय रोगों, ब्लड प्रेशर, अल्जाइमर और दृष्टिहीनता के खतरे को कम कर बढ़ती उम्र के प्रभाव को रोकता है। यह विषाक्त पदार्थों को नष्ट कर कोशिकाओं को मृत होने से भी बचाता है। जानते हैं यह किनमें भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

Read More: लोहे के बर्तन में पका हुआ खाना खाने से शरीर में नहीं होगी आयरन की कमी

लहसुन :
यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है जो कैंसर और हृदय रोगों से लडऩे में मददगार है।टमाटर : इसमें मौजूद ग्लूटाथियोन एंटीऑक्सीडेंट रोग प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत करता है।लौंग : वर्ष 2009 में हुए शोध के अनुसार लौंग को एंटीऑक्सीडेंट का सबसे बढि़या स्रोत माना गया क्योंकि यह अम्लता की अधिकता को कम करने का काम करती है।

अखरोट :
इसे कैंसर से लडऩे के लिए सबसे प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट माना गया है। बड़ी इलायची से भी इसकी खुराक पा सकते हैं।

Read More: अदरक और नींबू का रस झड़़ते बालों के लिए है औषधि, ऐसे करें इस्तेमाल

राजमा :
बींस प्रजाति के खाद्य पदार्थों में राजमा प्रमुख दस एंटीऑक्सीडेंट्स में से एक है जो हृदय रोगों के खतरे को कम करता है। इसी तरह अनार, केला, रसबेरी और ब्लूबेरी आदि में भी पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तत्त्व होते हैं।

Read More: सात सुपर फूड जो आपकी सेहत को देंगे प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व, बीमारियां भी रहेंगी कोसों दूर

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।