प्लेटलेट्स काउंट का पता CBC यानि Complete Blood Count Test से चलता है। दरअसल प्लेटलेट्स खून का एक हिस्सा है जो खून को थक्का बनाने में मदद करता है। यह रक्त का एक भाग है जो खून का थक्का बनाने में सहायक हैं। कोई चोट लगने पर होने वाले रक्तस्त्राव को ये रोकती हैं। किसी कारण से यदि प्लेटलेट्स 50 हजार से कम हो जाएं तो चिंता की बात नहीं। लेकिन इससे भी कम होने पर रक्तस्त्राव होता है।
नई दिल्ली। प्लेटलेट्स काउंट का पता CBC यानि Complete Blood Count Test से चलता है। दरअसल प्लेटलेट्स खून का एक हिस्सा है जो खून को थक्का बनाने में मदद करता है। जब ब्लड में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है तो उस स्थिति को मेडिकल साइंस की भाषा में थ्रोबोसाइटोपेनिया कहते हैं। अगर प्लेटलेट्स की संख्या 10,000 से कम हो जाए तो ब्लीडिंग की आशंका बढ़ जाती है। प्लेटलेट्स की संख्या को बनाये रखना बेहद जरूरी होता है। प्लेटलेट्स की कमी है तो इसका मतलब है कि आपके ख़ून में बीमारियों से लड़ने की ताक़त कम हो रही है।
प्लेटलेट्स क्या है ?
यह रक्त का एक भाग है जो खून का थक्का बनाने में सहायक हैं। कोई चोट लगने पर होने वाले रक्तस्त्राव को ये रोकती हैं। शरीर में इनकी पर्याप्त संख्या होनी चाहिए। शरीर में इनकी संख्या बहुत कम होने पर मौत भी हो सकती है।
कितनी प्लेटलेट्स होनी चाहिए ?
स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में डेढ़ से चार लाख प्लेटलेट्स होती हैं। किसी कारण से यदि ये 50 हजार से कम हो जाएं तो चिंता की बात नहीं। लेकिन इससे भी कम होने पर रक्तस्त्राव होता है। यदि 10-20 हजार की संख्या रहे तो यह स्थिति इमरजेंसी की है।
किन रोगों में इनकी संख्या कम हो जाती हैं ?
डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टायफस, टायफॉइड जैसे रोगों में और दर्दनिवारक दवाएं नियमित लेने से भी ये घटने लगती हैं।
इस स्थिति में क्या करना चाहिए ?
अस्पताल में भर्ती कर रोगी से मिलते ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति के रक्त से जरूरत अनुसार प्लेटलेट्स निकालकर उसे चढ़ाते हैं।