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माइग्रेन के दर्द में राहत देगी राई, जीभ देखकर जानें बीमारी के बारे में

राई दिखने में जितनी छोटी है उतने ही फायदों से भरपूर है। यह कई स्वास्थ्य समस्याओंं में भी कारगर है। जीभ सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का हाल भी बताती है। जीभ का रंग बताता है कि किस तरह की बीमारी या दिक्कत हो रही है।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Dec 02, 2019

माइग्रेन के दर्द में राहत देगी राई, जीभ देखकर जानें बीमारी के बारे में

Mustard will relieve the pain of migraine

राई का इस्तेमाल अक्सर अचार बनाने या फिर सब्जी में तड़का लगाने के लिए करते हैं। राई दिखने में जितनी छोटी है उतने ही फायदों से भरपूर है। यह कई स्वास्थ्य समस्याओंं में भी कारगर है।

पोषक तत्त्व : मैंगनीज, मैग्नीशियम, फास्फोरस, विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स, फाइबर, फिनालिक एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्त्व पाए जाते हैं।

इस्तेमाल : राई माइग्रेन के दर्द में बहुत कारगर है। सिर का दर्द या माइग्रेन में इसको बारीक पीसकर दर्द वाले हिस्से पर लगाना होता है। दो से तीन घंटे में आराम मिलता है।

जीभ देती बीमारी के संकेत -
जीभ सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का हाल भी बताती है। जीभ का रंग बताता है कि किस तरह की बीमारी या दिक्कत हो रही है। जीभ के गुलाबी रंग का मतलब है अच्छी सेहत। लाल रंग की जीभ शरीर में पानी की कमी, ड्राई माउथ या माउथ अल्सर का संकेत है। जीभ का नीला होना सांस संबंधी बीमारी का संकेत है। रक्त प्रवाह, तनाव, किसी संक्रमण के कारण भी हो सकता है। जीभ पर सफेद रंग की मोटी परत ठीक से सफाई न करने से भी हो सकती है। सांसों में बदबू की समस्या हो सकती है। ऐसा अधिक तनाव या डिहाइड्रेशन से भी होता है। पर जीभ के रंग से घबराएं नहीं, डॉक्टर से सलाह लें।

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