हमेशा कहा जाता है कि यदि आपका मन चंगा है तो आप क्या शारीरिक स्वास्थ्य भी सही रहेगा। आज किस आर्टिकल में हम आपको इसी विषय पर पूरी जानकारी देने जा रहे हैं । हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस प्रकार आपके मानसिक स्वास्थ्य का शारीरिक स्वास्थ्य से संबंध है।
नई दिल्ली। शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य का निकट संबंध है और यह निस्संदेह रूप से सिद्ध हो चुका है कि डिप्रेशन के कारण हृदय और ब्लड प्रेशर के रोग होते हैं। मानसिक बीमारी व्यक्ति के स्वास्थ्य-संबंधी बर्तावों जैसे, समझदारी से भोजन करने, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, सुरक्षित यौन व्यवहार, मद्य और धूम्रपान, चिकित्सकीय उपचारों का पालन करने आदि को प्रभावित करते हैं। और इस तरह शारीरिक रोग के जोख़िम को बढ़ाते हैं।
मानसिक अस्वस्थता के कारण सामाजिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं जैसे, बेरोजगार, बिखरे हुए परिवार, गरीबी, नशीले पदार्थों का दुर्व्यसन और संबंधित अपराध।
मानसिक अस्वस्थता रोगनिरोधक क्रियाशीलता के ह्रास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डिप्रिशन से ग्रस्त चिकित्सकीय रोगियों की आयु भी कम होती है । लंबे चलने वाले रोग जैसे, मधुमेह, कैंसर,हृदय रोग अवसाद के जोखिम को बढ़ाते हैं।
हार्ट अटैक की सबसे बड़ी समस्या है डिप्रेशन
डिप्रेशन हार्ट अटैक की सबसे बड़ी समस्या है डिप्रेशन से जूझ रहे मरीजों को हर्ट संबंधित बीमारियां बहुत जल्द हो जाती हैं। और इनकी गंभीरता भी ज्यादा होती है इस तरह स्वास्थ्य संबंधित बीमारियों का लेना देना हमारे मानसिक बीमारियों से बहुत ज्यादा है।