
बुलंदशहर हिंसाः फौजी के भाई ने खाई कसम, जीतू को निर्दोष साबित किए बिना वर्दी नहीं उतारूंगा, देखें वीडियो-
बुलंदशहर. स्याना में 3 दिसंबर को हुई हिंसा के बाद जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का हत्यारोपी बताया जा रहा है। वहीं जीतू के बड़े भाई धर्मेंद्र मलिक जो खुद आर्मी जवान हैं का कहना है कि उनका भाई षड्यंत्र का शिकार हो रहा है। धर्मेंद्र का कहना है कि उनका भाई जीतू इंस्पेक्टर के कत्ल में शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास सबूत हैं कि उनका भाई उस दिन घटना वाली जगह पर मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि मेरी मुख्यमंत्री से गुजारिश है कि वह मेरी मदद करें। धर्मेंद्र ने ये भी कहा कि मैं अपने भाई को निर्दोष साबित करने के लिए यहां आया हूं और जब तक मैं उसे निर्दोष साबित नहीं करवा दूंगा तब तक ये वर्दी नहीं उतारूंगा।
बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारने के आरोप जीतेंद्र मलिक ऊर्फ जीतू फौजी का भाई अब उसके बचाव में सामने आ गया है। इस मामले में अब जीतू के भाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं। जीतू के भाई का कहना है कि जीतू को जिस वीडियो में पुलिस होना बता रही है वह जीतू का नहीं है। उसने एक दूसरा वीडियो दिया है, जिसमें जीतू बवाल के समय मौजूद है, लेकिन दोनों वीडियो में समानताएं दिखाई नहीं दे रही हैं। जीतू भाई धर्मेंद्र का कहना है कि जीतू 19 नवंबर से 4 दिसंबर तक छुट्टी पर आया हुआ था। वह 3 दिसंबर को घर से निकल था। क्योंकि उसे 4 दिसंबर को रिपोर्टिंग करनी थी। उसने कहा कि बुलंदशहर पुलिस के सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उसने सेना और सीएम योगी आदित्यनाथ से निष्पक्ष जांच की मांग की। धर्मेंद्र ने ये भी कहा कि पुलिस प्रशासन मुख्य आरोपी को बचाकर मेरे भाई को फंसा रही है। बता दें कि धर्मेंद्र खुद भी एक फौजी है और फिलहाल वह पुणे में तैनात है।
Published on:
09 Dec 2018 09:26 am
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