भारत में मृदा से संचालित कृमि संक्रमण जनस्वास्थ्य के लिए अत्यन्त हानिकारक है। कृमि का खतरा सर्वाधिक एक से 19 वर्ष की आयु के बच्चों में रहता है। बच्चों के हाथ में कृमि होने से उनका शारीरिक विकास, एनिमिया, पोषण और ज्ञान से संबंधी विकास के साथ-साथ विद्यालय की उपस्थिति पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है। निश्चित समय पर कृमि मुक्त डिवर्मिंग करने से कृमि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है।